अगर आप भी ऑस्ट्रेलिया जाकर नौकरी करने या आगे की पढ़ाई करने की सोच रहे हैं तो ये बुरी खबर आपके लिए ही है, देखिए
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ऑस्ट्रेलिया 457 वीजा रद्द
- फोटो : demo pic
दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकॉम टर्नबुल की ओर से वीजा 457 पर रद्द किए जाने का सर्वाधिक असर उन विद्यार्थियों पर पढ़ने जा रहा है, जो ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई करने गए हैं। इसका प्रभाव सूबे में शिखर पर चल रही विदेशी एजुकेशन इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा। साथ ही ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी होगी।
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ऑस्ट्रेलिया 457 वीजा रद्द
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विश्व की टॉप 100 यूनिवर्सिटीज में ऑस्ट्रेलिया की कई यूनिवर्सिटी शामिल हैं। अमेरिका और ब्रिटेन की तुलना में ऑस्ट्रेलिया में एडमिशन लेना आसान है। पंजाब व अन्य प्रदेशों के अधिकतर विद्यार्थी वोकेशनल कोर्सेज के साथ वहां कॉमर्स और आर्ट्स के कोर्सेज करने जाते हैं। बिजनेस के कोर्र्सेज ऑस्ट्रेलिया के बेहतरीन माने जाते हैं। यही वजह है कि यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में भारतीय विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा रहती है।
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ऑस्ट्रेलिया 457 वीजा रद्द
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के विद्यार्थियों के लिए सबसे फायदेमंद यह होता था कि वहां पर स्टडी के बाद वर्क वीजा लेकर पीआर आसानी से मिल जाती थी। यही वजह थी कि भारतीय मूल के लोगों की लंबी कतार ऑस्ट्रेलिया के लिए लगी हुई हैं। भारतीय मूल के विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया में एजुकेशन लेने के बाद पीआर के लिए वहां पर वर्क परमिट लेते हैं। कई विद्यार्थी पढ़ाई खत्म करने के बाद वीजा 457 के तहत वहां की नामी कंपनियों में काम करते थे।
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ऑस्ट्रेलिया 457 वीजा रद्द
- फोटो : Getty
इसके तहत तजुर्बा लेने के बाद वे पीआर के लिए आवेदन करते थे, जिसमें उनको बेहद आसानी होती थी। एक अनुमान के मुताबिक हर साल पंजाब से ही करीब 10 हजार विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया के लिए वीजा आवेदन करते हैं। अगर वीजा 457 पर प्रतिबंध लग जाता है तो भारतीय मूल के विद्यार्थियों का ऑस्ट्रेलिया जाने का रुझान कम हो जाएगा। वहां पर वर्क वीजा हासिल करना आसान नहीं होगा।
एजुकेशन इंडस्ट्री पर पड़ेगा जबरदस्त असर : त्रिवेदी
ऑस्ट्रेलिया दूतावास के अधिकृत सुकांत त्रिवेदी का तर्क है कि इससे भारत में तेजी से चल रही एजुकेशन इंडस्ट्री पर जबरदस्त असर पड़ेगा। साथ ही उन विद्यार्थियों के लिए भी चिंता पैदा हो गई है जो ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इससे निश्चित तौर पर भारतीयों के लिए झटका पैदा हो गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया एजुकेशन एक्सपर्ट गुरुकुल ओवरसीज के एमडी नरेश ढल्ल का कहना है कि भारत को इस वीजा के लिए ऑस्ट्रेलिया सरकार से बात करनी चाहिए अन्यथा इसका असर काफी जबरदस्त होगा।