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सरकारी नौकरियों में भर्ती के कई नियम बदले गए, 12 क्लिक करके जानिए

Mon, 26 Feb 2018 02:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सरकारी नौकरी का सपना देख रहे देश भर के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी। भर्ती के कई नियम बदल दिए गए हैं और अब इन्हीं के आधार पर जॉब मिलेगी।
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वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी 2018 को पेश किए आम बजट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2018 शुरू होते ही सरकार ने ग्रुप सी और डी पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू की बाध्यता खत्म कर दी। हरियाणा में मनोहर लाल सरकार ने साक्षात्कार प्रणाली को खत्म करने पर मुहर लगा दी है। ऐसे में अब हरियाणा में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में इंटरव्यू नहीं होगा।
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सीएम खट्टर की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में बड़े पैमाने पर होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। बता दें कि तृतीय श्रेणी में पुलिस कर्मी, चालक-परिचालक, पटरवारी, टीजीटी, जेबीटी, सीएंडवी शिक्षक व अन्य कर्मी आते हैं, जबकि चतुर्थ श्रेणी में चपरासी, चौकीदार, माली, बेलदारी, सफाई कर्मी इत्यादि शामिल हैं।

हरियाणा में अब ग्रुप डी की सरकारी नौकरी आठवीं पास पा सकेंगे। सरकार ने चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मिडिल पास निर्धारित कर दी। वहीं ग्रुप-सी क्लर्क भर्ती में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के साथ कंप्यूटर दक्षता की राज्य योग्यता पात्रता परीक्षा (एसईटीसी) अनिवार्य कर दिया गया है। वर्तमान में विभिन्न विभागों में ग्रुप-डी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग थी। कुछ विभागों में हिंदी और अंग्रेजी के ज्ञान को छोड़कर कोई शैक्षणिक योग्यता नहीं थी।
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कुछ विभागों में मिडिल पास, कुछ मैट्रिक व दस जमा दो शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भर्ती होती रही है। सरकार के ताजा निर्णय के बाद मंत्रिमंडल, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग व हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग की स्वीकृति जरूरी नहीं होगी, भर्ती के लिए संबंधित विभाग अपने स्तर पर प्रासंगिक सेवा नियमों में संशोधन कर सकेंगे। प्रासंगिक सेवा नियमों में यह प्रावधान विधि विभाग से जांच कराने के बाद किया जा सकेगा।
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हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी पदों की भर्ती में उम्मीदवारों के साक्षात्कार के लिए गठित चयन समितियां भी भंग कर दी हैं। सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली चयन समिति संख्या-1 तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति संख्या-2 शामिल हैं। ये चयन समितियां इसलिए भंग की गई हैं, चूंकि सरकार ने ग्रुप-सी और डी पदों के लिए साक्षात्कार खत्म कर दिया है।
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मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि ग्रुप-डी भर्तियों के लिए जिन विभागों में न्यूनतम योग्यता केवल हिंदी व अंग्रेजी की जानकारी है, उनमें न्यूनतम योग्यता मिडिल पास होगी। जिन विभागों में दसवीं या बारहवीं है, वे उसी प्रकार रहेगी। ग्रुप-सी में क्लर्क पद को छोड़कर अन्य पदों के संबंध में एसईटीसी लागू नहीं होगी। प्रशासनिक सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा व हरियाणा प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का डाटा भी मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली से लिंक कराना सुनिश्चित करना होगा।

हरियाणा सरकार ने तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में इंटरव्यू खत्म करने के बाद एक और बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने इन श्रेणियों में 85:15 के निर्धारित लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के अंकों को बदलते हुए 90:10 कर दिया है। 90 अंक की लिखित परीक्षा होगी और 10 अंक कमजोर वर्गों का कोटा रहेगा। जिस उम्मीदवार के घर में एक भी व्यक्ति सरकारी नौकरी पर नहीं है, उसे पांच अंक दिए जाएंगे।

इसी तरह से विधवा और उन उम्मीदवारों को पांच-पांच अंक मिलेंगे, जिनके सिर से पिता का साया पंद्रह वर्ष से कम आयु में उठ गया था। एक घर से बिना पिता के अगर एक से अधिक उम्मीदवार सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करते हैं तो उनमें से किसी एक को ही फायदा मिलेगा। विभिन्न विभागों, बोर्ड-निगमों में अनुबंध व एडहॉक पर कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को भी उनके अनुभव अनुसार अंक दिए जाएंगे।

एक वर्ष के अनुभव का आधा अंक होगा। अगर किसी का 10 वर्ष का अनुभव है तो उसे पांच अंक मिलेंगे, इसमें अधिकतम सीमा 5 अंक रहेगी। प्रदेश की उन जातियों को भी पांच अंकों का फायदा होगा, जो न तो अनुसूचित जाति के दायरे में आती हैं और न ही पिछड़ा वर्ग में। इन जातियों में भी घुमंतू, सांसी जातियों के परिवारों को फायदा मिलेगा। कुल 22 जातियां इसके तहत लाभान्वित होंगी। जो उम्मीदवार इन चारों श्रेणी के तहत आएंगे, उन्हें अधिकतम अंक 10 ही मिलेंगे।

हरियाणा में सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वाले युवाओं को दहेज का मोह छोड़ना होगा। अगर दहेज लिया तो नौकरी से हाथ धोने पड़ सकते हैं। मनोहर लाल सरकार ने दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। जब भी कोई व्यक्ति सरकारी सेवा में आएगा तो उसे लिखित में शपथ-पत्र देना होगा कि वह जब कभी भी वैवाहिक गठबंधन में बंधेगा तो वह दहेज नहीं लेगा। साथ ही दहेज न लेने के कानून का सख्ती से पालन करेगा।

हरियाणा सरकार भर्ती प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने को लेकर गंभीर है, ताकि योग्य आवेदक ही चयनित हो सके। इसलिए हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) ने निर्णय लिया है कि सरकारी नौकरियों के लिए ली जाने वाली परीक्षा के तीन दिन बाद ही उसकी आंसर की सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। ताकि परीक्षार्थी इस आंसर-की का अवलोकन करने के बाद अपनी हर प्रकार की शंका और आपत्तियों को को दूर कर लें।
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एक्सपर्ट पैनल निपटाएगा परीक्षार्थियों की आपत्तियां
आंसर-की ऑनलाइन अपलोड होने के बाद परीक्षार्थी इस आंसर-की से खुद के द्वारा दिए गए उत्तरों की जांच करेंगे। यदि परीक्षार्थियों को लगता कि उत्तर पुस्तिका में दिए गए प्रश्नों का उत्तर में कोई गलती है, प्रश्न पूछने के तरीके में कोई त्रुटि है या फिर अन्य किसी प्रकार की त्रुटि है तो परीक्षार्थी ऑनलाइन ही अपनी आपत्ति दर्ज करवाएगा। उसके बाद इन आपत्तियों को एचपीएससी द्वारा एक्सपर्ट पैनल के पास भेजा जाएगा। वे इन आपत्तियों को दूर करें, अपनी रिपोर्ट एचपीएससी को देंगे। इन सभी आपत्तियों के दूर होने के बाद ही एचपीएससी संबंधित परीक्षा का परिणाम घोषित करेगा।
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