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असलहा लाइसेंस के लिए लगाने होंगे 10 पौधे, देखरेख भी करनी होगी, सबूत में भेजनी होंगी तस्वीरें

Tue, 25 Aug 2020 06:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)

सार

  • डिवीजनल कमिश्नर चंद्र गैंद ने किया लांच, पौधों की देखरेख भी करनी होगी, सुबूत के तौर पर दिखानी होगी तस्वीरें
  • नई असलाह लाइसेंस फाइल पर दस और पुराना असलाह लाइसेंस रिन्यू करवाने पर लगाने होंगे पांच पौधे
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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असलहा लाइसेंस के लिए लोगों को अब पौधे लगाने होंगे। साथ ही उनकी देखभाल भी करनी होगी और सबूत के तौर पर तस्वीरें भी जिला प्रशासन को भेजनी होगी। इसके बाद ही उनकी फाइल क्लीयर होगी। दरअसल, पंजाब के लुधियाना में अब ऐसी ही एक मुहिम की शुरूआत हुई है। यहां पटियाला के डिवीजनल कमिश्नर चंद्र गैंद ने मंगलवार को 'ट्री फॉर गन' स्कीम लांच की। 

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फिरोजपुर, पटियाला और संगरूर के बाद लुधियाना इस अनोखी व्यवस्था वाला चौथा जिला बन गया है। स्कीम को लांच करते वक्त डिवीजनल कमिश्नर चंद्र गैंद ने बताया कि इस स्कीम के तहत असलहा लाइसेंस के आवेदकों को दस व पुराना असलाह लाइसेंस रिन्यू करवाने वालों को पांच पौधे लगाने होंगे। 

पौधे लगाते हुए तस्वीर भी साथ में अटैच करनी होगी। एक महीने बाद दोबारा से इन पौधों की वृद्धि वाली तस्वीरें भी अटैच करनी होंगी। तभी किसी आवेदक की फाइल क्लीयर होगी। आवेदकों का डोप टेस्ट, पुलिस वेरिफिकेशन व अन्य कार्रवाई एक महीने बाद दोबारा से पौधों की तस्वीरें देखने के बाद ही करवाई जाएगी।
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डिवीजनल कमिश्नर चंद्र गैंद ने बताया कि आज देश में पर्यावरण संकट एक बड़ी चुनौती है। लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है और भू-जल स्तर नीचे जा रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने फिरोजपुर जिले से एक छोटी सी शुरुआत की थी। स्कीम की कामयाबी को देखते हुए इसे पटियाला और संगरूर जिले में शुरू किया गया है। अब लुधियाना में स्कीम की शुरूआत की गई है।

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उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 32111 असलहा लाइसेंस जारी हो चुके हैं। इसके अलावा हर साल करीब 230 नए लाइसेंस जारी होते हैं और 10 हजार से ज्यादा लाइसेंस रिन्यू की फाइल दाखिल होती हैं। इस हिसाब से हर साल जिले में 53,425 पौधे लगाए जा सकते हैं, जो औद्योगिक नगरी के वन क्षेत्र में बढ़ोतरी की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

अगर ये योजना पूरे राज्य में लागू की जाती है तो हर साल 2.64 लाख पौधे लगाए जा सकते हैं और कुछ ही सालों में हरियाली के मामले में अप्रत्याशित तौर पर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इसी तरह देश के सभी 736 जिलों में यह स्कीम लागू की जाए तो हर साल 1 करोड़ से ज्यादा पौधरोपण हो सकता है।

डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यावरण के लिए डिवीजनल कमिश्नर चंद्र गैंद की यह एक दिलचस्प व प्रशंसनीय पहल है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस स्कीम के क्रियान्वयन को लेकर पूरी संजीदगी व गंभीरता से कार्य करें। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इस स्कीम ने फिरोजपुर जिले को विश्व स्तर पर एक नई पहचान दिलाई थी और लुधियाना में इस स्कीम को बेहद प्रभावशाली तरीके से लागू किया जाएगा। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) संदीप कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) अमरजीत बैंस, अतिरिक्त उपायुक्त (जगरावं) नीरू कत्याल गुप्ता व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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