उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 32111 असलहा लाइसेंस जारी हो चुके हैं। इसके अलावा हर साल करीब 230 नए लाइसेंस जारी होते हैं और 10 हजार से ज्यादा लाइसेंस रिन्यू की फाइल दाखिल होती हैं। इस हिसाब से हर साल जिले में 53,425 पौधे लगाए जा सकते हैं, जो औद्योगिक नगरी के वन क्षेत्र में बढ़ोतरी की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
अगर ये योजना पूरे राज्य में लागू की जाती है तो हर साल 2.64 लाख पौधे लगाए जा सकते हैं और कुछ ही सालों में हरियाली के मामले में अप्रत्याशित तौर पर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इसी तरह देश के सभी 736 जिलों में यह स्कीम लागू की जाए तो हर साल 1 करोड़ से ज्यादा पौधरोपण हो सकता है।
डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यावरण के लिए डिवीजनल कमिश्नर चंद्र गैंद की यह एक दिलचस्प व प्रशंसनीय पहल है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस स्कीम के क्रियान्वयन को लेकर पूरी संजीदगी व गंभीरता से कार्य करें। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इस स्कीम ने फिरोजपुर जिले को विश्व स्तर पर एक नई पहचान दिलाई थी और लुधियाना में इस स्कीम को बेहद प्रभावशाली तरीके से लागू किया जाएगा। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) संदीप कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) अमरजीत बैंस, अतिरिक्त उपायुक्त (जगरावं) नीरू कत्याल गुप्ता व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।