यह घड़ी देखने में आम घड़ी की तरह है, लेकिन इसमें जीवन रक्षक सिस्टम लगाया है। जिससे बीमार व्यक्ति को दवा लेने का समय पता चल जाता है। इतना ही नहीं मरीज को हार्ट अटैक या तबीयत बिगड़ने की आशंका पर घड़ी को पहले ही पता चल जाता है।
नवजोत ने बताया कि इस सिस्टम को जीपीएस से जोड़ा गया, ताकि अस्पताल को भी इस बारे में पहले से ही अलर्ट मिल सके जिससे मरीज को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि किसी बेड पर लेटे मरीज को ग्लूकोज लगाना हो या दवा देने का समय याद दिलाना हो, यह घड़ी बेहतर काम करती है।
ऐसे मिला आइडिया: नवजोत ने बताया कि उसकी सहेली को दमे की बीमारी थी। उसे समय-समय पर दवा की जरूरत पड़ती थी। वह दवा लेना भूल जाती थी। सहेली की सहायता के लिए उसे यह आइडिया आया था। उसने घड़ी को इनहेलर का रूप दिया। घड़ी उसे दवा के लिए याद कराने लगी।
चंडीगढ़ सेक्टर-68 निवासी नवजोत कौर को इस खोज के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी सम्मानित कर चुके हैं। वहीं, बुधवार को छात्रा को सेक्टर-68 में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने भी सम्मानित किया। इस मौके पर पार्षद बॉबी कंबोज समेत इलाके के लोग मौजूद थे।