अमेरिका का एक संत 14 दिन से देश में आमरण अनशन पर बैठा था और पुलिस उसे जबरन उठाकर ले गई। जानिए कौन है वो और क्यों बैठा था अनशन पर?
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डेनियल डिवाइन उर्फ संत दयाशंकर गिरी
दरअसल, यह अमेरिकी संत गायों के संरक्षण और गोचरान भूमि की मांग को लेकर संत गोपालदास के साथ आमरण अनशन पर बैठा था। अमेरिकी मूल के डेनियल डिवाइन उर्फ संत दयाशंकर गिरी 56 वर्ष के हैं। वे 2015 में टूरिस्ट वीजा पर भारत में आए थे। आर्किटेक्चर की ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पर्यावरण प्रेमी होने के चलते फूड और इकोलॉजी विषय पर काम कर रहे हैं।
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डेनियल डिवाइन उर्फ संत दयाशंकर गिरी
डेनियल ने इकोफ्रेंडली मॉडल विलेज का प्रारूप तैयार किया है। 2016 उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ में दीक्षा ली। संत गोपालदास के साथ वे दो सालों से हैं। जब पुलिस उन्हें उठाकर ले जाने लगी तो उन्होंने विरोध करते हुए कहा कि मैं एक संत हूं, राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं। गायों के प्रति सहानुभूति रखता हूं और उसने प्यार करता हूं। मैं भारत की जनता की तरह सोया हुआ नहीं हूं।
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डेनियल डिवाइन उर्फ संत दयाशंकर गिरी
पार्क से उठाने के बाद पुलिस ने डेनियल को दिल्ली के आरके पुरम कार्यालय में भेज दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, रोहतक स्थित मानसरोवर पार्क में संत गोपालदास और अमेरिकी संत डेनिअल डिवाइन साथ में अनशन कर रहे थे। यहां संत गोपालदास 14 दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं। वहीं, संत डेनिअल पिछले चार दिन से अनशन पर हैं।
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डेनियल डिवाइन उर्फ संत दयाशंकर गिरी
वीरवार को दोपहर के समय संत और समर्थक 25 जून को होने वाली बैठक को लेकर मंथन कर रहे थे। इसी दौरान संत डेनियल डिवाइन टहलने के लिए निकले तो काफी संख्या में पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए आ गई। संत के समर्थक अमित ने बताया कि जब पुलिस ने जबरदस्ती करने की कोशिश की तो समर्थकों ने इसका विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
इसके बाद समर्थकों ने सिविल लाइन थाने में जाकर शिकायत भी दी। समर्थकों ने बताया कि संत डेनिअल डिवाइन से ले जाने से पहले प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया था। वहीं, सिविल लाइन के एसएचओ नीरज ने कहा कि टूरिस्ट वीजा के नियमों के तहत धरने एवं प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। वीजा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इस संबंध में डेनियल को नोटिस भी दिया गया था।