युवक का होंठ जन्म से कटा था। सर्जरी के बाद उस हिस्से पर मूंछें नहीं आ रही थीं। लेकिन पीजीआई के डॉक्टरों के कमाल ने युवक की जिंदगी में बहार ला दी। पीजीआई ने कुदरती चूक को सुधार कर युवक के चेहरे पर मुस्कराहट ला दी है। इससे पहले युवक सामान्य जीवन नहीं जी पा रहा था। किसी के बताने पर युवक पीजीआई पहुंच गया। प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट ने उसकी जांच की और उसे भरोसा दिलाया कि उसकी मूंछें आ जाएंगी। डिपार्टमेंट ने उसकी सफलतापूर्वक सर्जरी कर खुशियां लौटा दी।
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सर्जरी के बाद मूछें उगी
- फोटो : amar ujala
कोई भी व्यक्ति देखकर यह नहीं कह सकता कि उसने मूंछों में हेयर ड्राफ्टिंग करवाई है। अब उसकी पूरी मूंछे आ रही हैं। यह सब पीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट की वजह से संभव हो पाया है। युवक की प्लास्टिक सर्जरी पीजीआई के एसोसिएट प्रोफेसर सुनील गाबा ने की है। समर वैकेशन के कारण गाबा छुट्टी पर हैं, इसलिए उनसे बात नहीं हो सकी है।
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सर्जरी के बाद मूछें उगी
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सबसे अहम बात यह है कि सर्जरी वाली जगह पर हेयर ड्राफ्टिंग की गई है। आमतौर पर सर्जन को इसमें सफलता नहीं मिलती। दरअसल हार्ड टिश्यू पर हेयर ड्राफ्टिंग काफी मुश्किल होती है। रिजल्ट अच्छे नहीं आते। इसलिए लोग सर्जन के पास जाते तक नहीं। लेकिन पीजीआई ने इसमें सफलता हासिल की है। युवक की मूंछेा तो थी, लेकिन उस जगह पर नहीं थीं, जहां पर कटे होंठ की सर्जरी की गई थी। मूंछे नहीं आने से युवक काफी परेशान रहता था। कभी-कभी वह डिप्र्रेशन में भी चला जाता था। सैकड़ों लोगों की मुस्कान लौटा चुका है।
पीजीआई का प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट पहले भी सैकड़ों लोगों की मुस्कान लौटा चुका है। पीजीआई हर साल 300 से ज्यादा कटे होंठ और तालू की सर्जरी कर बच्चों की खुशियां दे रहा है। पिछले साल भी पीजीआई ने ऐसे कई केसों को ठीक करने में कामयाबी हासिल की थी। फिर चाहे तेजाब पीड़िता हो या फिर मशीन में फंसने के बाद बाल सहित सिर की पूरी खाल निकलना। प्लास्टिक डिपार्टमेंट ने पिछले साल एक लड़की की छह उंगुलियों को पांच में बदल दिया था। इसके साथ ही उसकी जन्मजात दिव्यांगता को भी दूर कर दिया।