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भारत का 'मैडम तुसाद म्यूजियम' देखा? नहीं देखा तो यहां देखिए

Tue, 23 Jun 2015 07:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
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क्या आप जानते हैं कि लंदन की तर्ज पर एक 'मैडम तुसाद म्यूजियम' पंजाब में भी बना है। सवा एकड़ जमीन में कई शख्सियतें विराजमान हैं। यकीं न हो तो यहां देखिए। -रिपोर्ट: दविंदर पाल सिंह
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पार्क में नीरजा भनोज समेत समेत करीब 35 से अधिक महान हस्तियों की प्रतिमा स्थापित की गई हैं। नौजवान मूर्तिकार मनजीत सिंह ने युवाओं में देश भक्ति की भावना पैदा करने और अपने विरसे से जोड़ने के लिए यह बीड़ा उठाया है। सवा एकड़ जमीन में बने देशभक्त पार्क बलिदान, त्याग और हुनर की महानता बयान कर रहा है। मूर्तिकार मनजीत सिंह गिल ने भाई सुरजीत सिंह गिल के साथ विरासत संभालने का भारी आर्थिक बोझ से प्रयास जारी रखने का फैसला लिया है।
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इस पार्क में 30 साल पहले 23 जून 1985 को कनाडा में हुए जहाज हादसे में मरे 329 लोगों की याद में कनिष्क फ्लाइट-182 की प्रतिमा तैयार कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई है। प्रतिमा पर लगभग साढे़ तीन लाख रुपये खर्च हुआ है। प्रतिमा को श्रद्धांजलि भेंट करता मूर्तिकार मनजीत सिंह व अन्य।

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पार्क में मनजीत गिल द्वारा रचित एथलीट के बादशाह मिल्खा सिंह समेत शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव, करतार सिंह सराभा, लाला लाजपत, चंद्रशेखर आजाद, मदन लाल ढींगरा, महात्मा गांधी, डॉ. बीआर अंबेडकर, एयर होस्टस नीरजा भनोट, बाबा बंदा सिंह बहादुर व बाबा शेख फरीद, उस्ताद दामन जी के अलावा पांचों साहिब के शहीदों समेत करीब 35 से अधिक महान हस्तियों की प्रतिमा स्थापित की गई हैं।
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इसके अलावा चंडीगढ़ की बहादुर बेटी एयर होस्टेस नीरजा भनोट, बाबा बंदा सिंह बहादुर और बाबा शेख फरीद, उस्ताद दामन समेत लगभग 35 से अधिक महान हस्तियों की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इन पर मनजीत गिल ने लाखों रुपये खर्च किए हैं।

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मूर्तिकार मनजीत सिंह ने बताया कि पुस्तकें कई भाषाओं में होती हैं। वहीं भाषाएं अलग-अलग होने से लोग सभी किताबों को नहीं पढ़ सकते, लेकिन प्रतिमाओं में कोई बंदिश नहीं। बलिदान, त्याग और हुनर की महानता बयान करता, इससे अच्छा तरीका कोई नहीं है।

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मनजीत ने कहा कि उनका सपना और मकसद इस कला को आगे बढ़ाकर नौजवानों को नशे से बचाना है। उनकी यह इच्छा है कि लंदन की मैडम तुसाद म्यूजियम की तरह इस पार्क में स्थापित महान हस्तियों को देखकर युवा पीढ़ी अपने पुराने अमीर विरसे से जुड़ी रहे।

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मनजीत ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से इस कार्य में उनकी कोई आर्थिक सहायता नहीं की गई है। मूर्तिकार मनजीत सिंह ने बताया कि उन्हें बचपन से ही प्रतिमाएं बनाने का शौक था और अब हजारों की संख्या में प्रतिमा बना चुके  हैं।

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मनजीत ने बताया कि इस पार्क में स्थापित प्रतिमाओं पर वे करोड़ों खर्च चुके हैं। मनजीत ने बताया कि वे पंजाबी गायक लाल चंद जमला जट और बाबा बुल्लेशाह जैसे महान कवियों की मूर्तियां बना चुके हैं।

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