‘अमर उजाला’ के संवाद कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने अपने विचार रखे, उसमें विकास की अनदेखी का दर्द साफ झलक रहा था।
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अमर उजाला के 'संवाद' में झलका युवाओं का दर्द
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युवाओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सभी दलों के नेता तरह-तरह के वादे करते हैं, लेकिन उनमें अमल कुछेक पर ही हो पाता है।
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पंचकूला ट्राइसिटी का हिस्सा है। यदि चंडीगढ़ में तमाम तरह की सुविधाएं नहीं होती तो पंचकूला के लोगों को दर-दर भटकना पड़ता।
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युवा इस बार विधानसभा चुनाव में उसी प्रत्याशी का साथ देंगे, जिनमें विकास को लेकर जज्बा हो। जो दावे से ज्यादा अमल करने में विश्वास रखता हो।
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युवाओं का कहना है कि पंचकूला में अभी पूरी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। सड़क, पानी, ट्रांसपोर्टेशन, उच्च शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी जैसी बुनियादी कमियां शहर के लिए एक धब्बा है।
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युवाओं का कहना है कि पंचकूला में आईटी पार्क तो बन गया, लेकिन यहां अब तक रोजगार की संभावनाएं नहीं खुली हैं। और तो और सड़क, लाइट, पानी जैसे रोजमर्रा की जरूरतों पर भी फोकस नहीं किया जाता है।
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युवाओं का कहना है कि जरूरतें पूरी न होने के कारण ही सेक्टर-19 में करीब 1200 लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे।
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नेता राजनीति करने पहुंचे, लेकिन हालात ऐसे थे कि डिस्पेंसरी में दवा खाने के लिए भी लोगों को बाजार से पानी खरीदकर लाना पड़ता था।