प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से 1984 के सिख दंगों के मामले में सज्जन कुमार व अन्य कांग्रेसी नेताओं को क्लीन चिट देने से भड़के अकालियों ने शनिवार को कैप्टन के आवास स्थान मोती महल का घेराव किया। साथ ही इस मौके पर अकालियों ने कैप्टन का पुतला फूंका और जोरदार नारेबाजी की।
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अकालियों ने घेरा कैप्टन का मोतीमहल
घेराव से पहले यहां पोलो ग्राउंड के सामने शिरोमणि अकाली दल के जिला प्रधान रणधीर सिंह रखड़ा और शहरी प्रधान सुरजीत सिंह कोहली की अगुवाई में रोष धरना दिया गया। धरने में विशेष तौर से पार्टी के महासचिव एवं सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, विधायक एनके शर्मा, वनिंदर कौर लुंबा, हरप्रीत कौर मुखमैलपुर आदि शामिल हुए।
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अकालियों ने घेरा कैप्टन का मोतीमहल
इस मौके पर रखड़ा, चंदूमाजरा ने कहा कि कैप्टन ने सज्जन कुमार व अन्य आरोपियों को क्लीन चिट देकर सिखों के जख्मों पर नमक छिड़का है। कैप्टन ने 1984 में कांग्रेस से इस्तीफा देने का ड्रामा रचा था, जबकि तब से अब तक वह गांधी परिवार के बचाव में हमेशा डट कर बयान भी देते रहे हैं और गांधी परिवार के हक में हमेशा खड़े होकर सिखों के खिलाफ बोलते रहे हैं।
धरने के बाद सभी अकाली नेता एक बड़े काफिले के रूप में मोती महल की तरफ जा पहुंचे और मोती महल को घेर लिया। यहां अकालियों ने कैप्टन के पुतले भी जलाए और जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर अकालियों ने सोनिया गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ भी नारेबाजी की।