बाबा बर्फानी के करोड़ों भक्तों में से एक भक्त ऐसा है, जोकि पिछले 20 साल से सबसे पहले अमरनाथ यात्रा शुरू होने पर पहली ध्वजा दरबार में फहराता रहा है। अब वे 21वीं यात्रा के लिए निकल पड़े हैं। खास बात ये है कि वह हरिद्वार से अमरनाथ तक पैदल यात्रा करते हैं। अमरनाथ पहुंचने में उसे दो माह लग जाएंगे। रिपोर्टः डी डी गोयल, सिरसा
विज्ञापन
देखिए, 20 साल से बाबा बर्फानी का 'पहला' भक्त..यात्रा पैदल
2 of 5
ये शख्स हैं डबवाली निवसी 42 वर्षीय राजपाल छाबड़ा उर्फ काली। फेरी लगाकर चद्दरें बेचने का काम करने वाला काली यात्रा के दौरान महज एक बार भोजन करता है। वह भी रात को। पूरा दिन वह भूखे पेट बम-बम भोले, बम-बम भोले...का जाप करते हुए चलता जाता है। अमरनाथ पहुंचते-पहुंचते दो माह बीत जाते हैं। बालटाल तक पहुंचने के बाद भारतीय सेना उसे 25 किलोमीटर तक पैदल यात्रा करके अमरनाथ गुफा तक पहुंचाती है। पिछले बीस वर्षों से बर्फानी बाबा के दरबार में सबसे पहले पहुंचने वाला यह पहला शख्स है। जो यात्रा के शुरू होते ही पहली ध्वजा बाबा के दरबार में फहराता है।
विज्ञापन
देखिए, 20 साल से बाबा बर्फानी का 'पहला' भक्त..यात्रा पैदल
3 of 5
शुक्रवार को काली ने अपनी 21वीं यात्रा की शुरुआत डबवाली में रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित शिव मंदिर के प्रांगण से की। हालांकि इस बार उसके स्वास्थ्य को देखते हुए तीन माह पूर्व चिकित्सक ने पैदल चलने पर रोक लगाई थी। चिकित्सक के परामर्श को दरकिनार करते हुए इस बार भी सबसे पहले पहुंचने का लक्ष्य रखते हुए काली रवाना हुआ है।
देखिए, 20 साल से बाबा बर्फानी का 'पहला' भक्त..यात्रा पैदल
4 of 5
बाबा बर्फानी के दरबार में माथा टेकने वाला सबसे पहला शख्स काली अविवाहित है। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। बकौल काली, 21 वर्ष पहले उसके मन में अमरनाथ यात्रा करने का विचार आया। उसने यात्रा आरंभ की। बस उसी दिन से भगवान शंकर का हो गया। उस दिन के बाद लगातार यात्रा कर रहा हूं।
देखिए, 20 साल से बाबा बर्फानी का 'पहला' भक्त..यात्रा पैदल
5 of 5
बकौल, काली, यात्रा के दौरान मुझे कई बार ऐसा लगता है कि भगवान शंकर मेरे साथ चल रहे हैं। मुझे उनके दर्शन होने का आभास होता है। इतने वर्ष होने के बावजूद आज तक मुझे मार्ग में कोई बाधा नहीं आई। इस बार यात्रा जुलाई से शुरू होनी है। पहले मैं पहुंच जाऊंगा। पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी मत्था टेकने वाला पहला शख्स बनूं, यही ख्वाब है। डबवाली में खुशहाली आए, इसी कामना के साथ हर बार यात्रा करता हूं।