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सह न पाई जुदाई, 120 साल के पति बिन 122 वर्षीय बीवी जी न पाई, यूं दी गई अंतिम विदाई

Mon, 12 Mar 2018 09:09 PM IST
भारत भूषण मित्तल/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
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बठिंडा का सबसे बुजुर्ग दंपति नहीं रहा
120 साल के पति छोड़कर चले गए तो 122 साल की बीवी जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पाई और विदा हो गई। तस्वीरों में देखिए, यूं दी गई अंतिम विदाई।
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बठिंडा का सबसे बुजुर्ग दंपति नहीं रहा
बात काफी हैरान करने वाली है, शायद यकीं ही नहीं कर पाए कोई, लेकिन सच है। पंजाब में बठिंडा जिले के गांव हररंगपुरा निवासी 120 वर्षीय भगवान सिंह की सोमवार सुबह मौत हो गई। पत्नी धन कौर, जो 122 साल की हैं बोली कि मैं उनके बिना नहीं जी सकती और कहते-कहते उन्होंने भी दम तोड़ दिया। 18 फरवरी को दोनों की शादी की 100वीं सालगिरह थी, लेकिन वो आखिरी होगी ये परिजनों ने सोचा न था।
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बठिंडा का सबसे बुजुर्ग दंपति नहीं रहा
पति की मौत होने की खबर मिलते ही धन कौर गुमसुम हो गई थी और परिवार वालों से बात भी नही कर रही थी। ऐसे में उनकी हालत नाजुक हो गई और आखिरकार वे भी चल बसीं। बुजुर्ग दंपति के पोते नच्छतर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे उनकी दादी धन कौर ने आखरी सांस ली। जिस दिन दादा भगवान सिंह का अंतिम संस्कार किया था, उस दिन दादी धन कौर फूट-फूट कर रोई थीं।

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बठिंडा का सबसे बुजुर्ग दंपति नहीं रहा
पति का शव देखकर वे बोलीं- 100 सालों तक इतना लंबा साथ निभाने के बाद आखिरी में साथ छोड़कर अकेले क्यों चले गए,, मुझे भी अपने साथ ही ले जाओ, ताकि हमारा ज्योना मरना सफल हो जाए। दादा ने दादी की पुकार सुन ली और उन्हें भी अपने पास बुला लिया। हालांकि काफी उम्र होने के चलते उनकी जिंदगी आसान नहीं रह गई थी, लेकिन दोनों के जाने से परिजन काफी शोक संतप्त हैं।
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बठिंडा का सबसे बुजुर्ग दंपति नहीं रहा
नछत्तर सिंह बताते हैं कि भगवान सिंह और धन कौर की 5 बेटियां और एक बेटा है। सबसे बड़ी बेटी 90 साल की है, जबकि सबसे छोटा बेटा 55 साल का है। बेटे नत्था सिंह बताते हैं कि जानकारी न होने की वजह से वे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं करवा सके। लेकिन मेरे पिता सारी जिंदगी नशे से दूर रहे और सादा जीवन जीते रहे। 100 साल की उम्र तक तो उन्होंने खेतों में काम किया।
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बठिंडा का सबसे बुजुर्ग दंपति नहीं रहा
नत्था सिंह ने बताया कि आजकल भगवान सिंह बोल नहीं पाते थे। जबकि अंतिम संस्कार में पहुंचे 90 साल के चंद सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही वह उनसे मिलने आए थे, तब बिल्कुल ठीक थे। वह गांव के सबसे बुजुर्ग आदमी थे और अपनी उम्र में उनकी आवाज में भी काफी दम था। इस समय परिवार में 12 लोग हैं। बेटे नत्था सिंह का परिवार है, जिसकी पत्नी, दो बेटे, दो पुत्रवधू व 4 पोते पोतियां हैं।
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बता दें कि 120 वर्षीय भगवान सिंह और करीब 122 वर्षीय ही धन कौर के ज्योना मरना का समागम 4 फरवरी को किया गया। इसमें परिवार के सभी रिश्तेदारों समेत करीब एक हजार लोग एकत्र हुए। उन्होंने बुजुर्ग दंपति को नोटों के हार पहनाए और शगुन भी दिए। भगवान सिंह के पोते नच्छतर सिंह ने बताया कि उसकी पांच बुआ हैं। उनमें से सबसे बड़ी बुआ 92 साल की है और वह भी अपने परिवार समेत रह रही हैं।

 
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