दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा का आरोपी पंजाबी कलाकार दीप सिद्धू 13 दिन तक पुलिस से बचता रहा। इस दौरान फेसबुक पर वह लगातार अपनी सफाई देता रहा। दिल्ली हिंसा के लिए जिम्मेदार बताए जाने पर किसान नेताओं को पोल खोलने की धमकी भी दी। इस बीच कभी उसके मुंबई भाग जाने की बात सामने आई तो कभी बिहार में छिपे होने की सूचना मिली। नौ फरवरी को आखिरकार पुलिस ने उसे चंडीगढ़ के पास जीरकपुर से गिरफ्तार कर लिया।
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दीप सिद्धू
- फोटो : @iamdeepsidhu
26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस के राडार पर आया दीप सिद्धू जनरैल सिंह भिंडरांवाले को क्रांतिकारी मानता था। दीप सिद्धू पर किसान संगठनों को पहले से शक था कि उसे खालिस्तानी संगठन सहयोग कर रहे हैं लेकिन वह आंदोलनकारियों के बीच घुसा रहा। दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान नेताओं ने उससे किनारा कर लिया था। इसके बाद सूचना आई कि वह मुंबई फरार हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हिंसा के बाद दीप सिद्धू अपने एक दोस्त की मदद से फरार हुआ था।
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दीप सिद्धू
- फोटो : @iamdeepsidhu
31 जनवरी को फेसबुक पर लाइव होकर दीप सिद्धू ने कहा कि पंजाबियों से अच्छे तो बिहारी हैं जिन्होंने उन्हें इस मुसीबत की घड़ी में सहारा दिया। दो फरवरी को दीप सिद्धू के बिहार में छिपे होने की सूचना मिली है। दिल्ली पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन बिहार में मिली। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क किया और दिल्ली पुलिस की एक टीम बिहार रवाना भी हुई। हालांकि दीप सिद्धू पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया।
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दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार
- फोटो : ANI
29 जनवरी को सिद्धू ने फिर फेसबुक पर वीडियो अपलोड पर अपनी बात रखी। वीडियो में उसने कहा कि वह जांच में शामिल होने को तैयार है लेकिन उसे सच्चाई सामने लाने के लिए कुछ वक्त चाहिए। जांच एजेंसियों से मेरा अनुरोध है कि जब मैंने कुछ गलत किया ही नहीं है तो मैं क्यों भागूंगा और क्यों डरूंगा। मुझे कोई डर नहीं है। मैंने कुछ गलत नहीं किया है। यह सच्चाई सामने आएगी।
31 जनवरी को फेसबुक पर लाइव होकर दीप सिद्धू भावुक हो गया। सिद्धू ने कहा कि लाल किले पर खाली डंडे में निशान साहिब का झंडा लगाया। उस समय अगर सभी ने एक सुर में होकर सरकार को जगाने का प्रयास किया होता तो शायद अच्छा होता। मगर उन्हें गद्दार बना दिया गया। कुछ लोगों ने बातें बना दी और सभी ने मान ली। इसके बाद सिद्धू ने एक और वीडियो शेयर किया और उसमें धाराप्रवाह अंग्रेजी में खुद को बेगुनाह बताते हुए किसानों से एकजुट होने की मांग की थी।