रोपड़ के गांव चक्कलां के पास चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर एक सड़क हादसे में स्कूटर चालक की मौत हो गई। लोगों ने इसे बादल परिवार की बस बताकर बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इस बीच , देर शाम पुलिस के डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो इकबाल सिंह सहोता ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि दुर्घटना कार और स्कूटर के बीच हुई थी। स्कूटर में जो डेंट मिला है जांच में कार का मिला है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
2 of 10
इसके आधार पर कार चालक ब्रह्म प्रकाश शर्मा के खिलाफ धारा 304 में केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि बस डबवाली बस कंपनी की थी। जब पत्रकारों ने बार बार उनसे कहा कि प्रत्यक्षदर्शी कह रहे हैं कि बस ने स्कूटर सवार को कुचला तो उन्होंने कहा कि इसकी बाद में जांच करा ली जाएगी। उधर, फोरेंसिक लैब जांच करने पहुंची टीम के इंचार्ज मिस्टर कालिया से जब पत्रकारों ने पूछा कि जांच किन किन पहलुओं से की गई है तो उन्होंने कहा कि अभी एक्जामिन किया जा रहा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
3 of 10
सुबह साढ़े आठ बजे लगाया गया जाम देर शाम खबर लिखे जाने तक जारी था लेकिन पुलिस ने तब तक किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया था। जाम के दौरान पुलिस ने चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को श्री चमकौर साहिब व मोरिंडा मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया। जब कि चंडीगढ की ओर से जालंधर, अमृतसर, नंगल, श्री आनंदपुर साहिब तथा मनाली आदि जाने वाले वाहनों को भी इन्ही रास्तों से डायवर्ट किया।
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
4 of 10
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह सवा छह बजे के करीब हुआ। लोगों के मुताबिक गांव गांव बहिरामपुर निवासी सवरन सिंह (37) पुत्र गुरबचन सिंह गांव चनालो में एक फैक्टरी में फोरमैन की नौकरी करता था। वह रात की शिफ्ट में काम कर सुबह स्कूटर से घर लौट रहा था कि गांव चक्कलां के पास बस ने कुचल दिया। सरवन की मौके पर ही मौत गई।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
5 of 10
हादसे के कुछ समय बाद मौके पर कुछ लोगों ने हादसा करने वाली बस मुख्यमंत्री बादल के परिवार की डबवाली ट्रांसपोर्ट कंपनी की बताई । जब लोगों में बादल परिवार की बस के एक्सीडेंट में शामिल होने का पता चला तो आक्रोश और बढ़ गया। गांव बहिरामपुर के लोगों ने शव को नेशनल हाईवे के बीच रख कर टोल प्लाजा के आगे जाम लगा दिया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
6 of 10
इस दौरान मोहाली से आम पार्टी के नेता रणदीप सिंह, जसवीर सिंह, गुरप्रीत गिल, अमरदीप कौर, जतिंदर राणा, अमित टंडन तथा कांग्रेसी नेता इंदरजीत सिंह जीरा के अलावा कुलजीत सिंह नागरा भी मौके पर पहुंचे और परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग की। जाम खुलवाने के लिए भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची, पर लोगो ने पुलिस की एक न सुनी ओर प्रर्दशन को जारी रखा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
7 of 10
डीसी तेजिंदर सिंह सिद्धू, डीआईजी आरके जैसवाल तथा एसएसपी वरिंदरपाल सिंह ने भी घटना स्थल का दौरा कर लोगों को मनाने की कोशिश की लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान एक आई 20 कार भी दुर्घटनाग्रस्त हुई है। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर उसमें सवार तीन युवकों को हिरासत में ले लिया।
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
8 of 10
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी सरपंच और ढाबा चलाने वाले जगतार सिंह, हरप्रीत सिंह तता, मनजीत सिंह वासी चक्कलां ने कहा कि मैरून रंग की मर्सडीज बस ने स्कूटर सवार को कुचला है, जबकि आई 20 कार डिवाइडर से टकराने से हादसाग्रस्त हुई है। इन लोगों ने यह बात जगदेव सिंह ने डीसी व एसएसपी के सामने भी कही।
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
9 of 10
बाद दोपहर एक 13 मेंबरी कमेटी बनाई गई जिसमें मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी देने के अलावा उसकी बेटी की पढ़ाई मुफ्त करवाने, मृतक की पत्नी को पेंशन देने तथा परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी गई। इस के अलावा बस चालक व बस कंपनी पर मामला दर्ज करने के साथ साथ बस का परमिट रद्द करने की मांग रखी गई।
मुख्यमंत्री की बस ने फिर ली 'जान', लोगों ने लगाया जाम
10 of 10
हादसा करने वाली बस का नंबर पीबी 03 वी 1900 बताया जा रहा है तथा यह बस डबवाली ट्रांसपोर्ट कंपनी की बताई जा रही है जो कि चंडीगढ से अमृतसर जा रही थी। यह बस बहिरामपुर टोल प्लाजा से 6.25 बजे निकली है। यह हादसा भी इसी दौरान हुआ है। एडवोकेट दिनेश चड्ढा ने कहा कि अगर हादसा इस बस के साथ हुआ है तो हैरानी की बात है कि बस तीन जिलों को पार कर अमृतसर पहुंच गई पर रास्ते में उसे किसी ने नहीं रोका। जिसके लिए पुलिस व प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।