भर्ती के लिए आवेदन करने को आधार कार्ड की अनिवार्यता पर हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है, जिसे हर किसी को जरूर पढ़ना चाहिए।
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aadhar card
एमडीयू रोहतक द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर सहित अन्य पदों पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑन लाइन आवेदन के प्रथम चरण में आधार की अनिवार्यता को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड किसी भर्ती में अनिवार्य करना सही नहीं है। यह समान अवसर के मौलिक अधिकार का हनन है जो नौकरी के लिए आवेदन की प्रक्रिया आसान होने के मार्ग में बाधा बन रहा है।
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आधार कार्ड
हाईकोर्ट ने मामले में एमडीयू समेत अन्य को नोटिस जारी करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी है। मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि एमडीयू रोहतक ने असिस्टेंट प्रोफेसर सहित अन्य पदों के लिए विज्ञापन निकाला था। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑन लाइन आवेदन करना था। जब याची ने इसके प्रथम चरण के फार्म को पूरा भर लिया तो इसमें आधार कार्ड को लिंक करने का प्रावधान था। इसे लिंक किए बिना दूसरे चरण का फार्म नहीं भरा जा सकता था।
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आधार कार्ड
इस बारे में पता किया गया तो कहा गया कि भर्ती के लिए आधार लिंक करना जरूरी है। इसके खिलाफ याची ने रिप्रजेंटेशन दी परंतु कोई लाभ नहीं हुआ। आवेदन की अंतिम तिथि के चलते याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि भारतीय संविधान समान अवसर का मौलिक अधिकार देता है और इसी के तहत भर्ती प्रक्रिया में आवेदन को आसान बनाया जाता है ताकि समान रूप से इसके लिए प्रतिस्पर्धा हो सके।
प्राथमिक तौर पर किसी भर्ती के लिए आवेदन करने हेतु आधार लिंक अनिवार्य करना संविधानिक अधिकारों का हनन प्रतीत होता है। कोर्ट ने कहा कि यह भी हो सकता है कि बायोमीट्रिक पहचान के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की सोच के साथ ऐसा किया गया हो लेकिन यह भी सही नहीं है। यदि यूनिवर्सिटी ऐसा करना चाहती है तो इसके लिए कोई सॉफ्टवेयर आदि इस्तेमाल करे जिससे इस काम को पूरा किया जा सके। हाईकोर्ट ने याचिका पर एमडीयू रोहतक समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। साथ ही पूरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।