गुरुद्वारा ननकाना साहिब से अटारी सड़क सीमा के रास्ते वतन पहुंचा अंतर्राष्ट्रीय नगर कीर्तन शुक्रवार सुबह श्री हरमंदिर साहिब से अपने सफर पर निकल गया, देखिए तस्वीरें।
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नगर कीर्तन
- फोटो : अमर उजाला
कीर्तन रवाना करने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास की गई। श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने अपने शीश पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सुशोभित कर मनमोहक पालकी साहिब में विराजमान किया। नगर कीर्तन की अगुवाई कर रहे पंज प्यारों को सिरोपा भेंट किए गए। श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा करने के बाद जब नगर कीर्तन गलियारे से बाहर निकलकर विरासती मार्ग पर पहुंचा तो सड़क के दोनों तरफ खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने गुलाब के फूलों की बरसात कर बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयघोष किए। संगत में हजारों की संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। श्रद्धालुओं में मोबाइल लेकर नगर कीर्तन की वीडियो बनाकर इस ऐतिहासिक पल को सदा के लिए अपनी यादों में बसा लेने की होड़ लगी थी। नरसिंघी और नगाड़ों के आवाज से नगर कीर्तन की आरंभता की जानकारी दी गई।
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नगर कीर्तन
- फोटो : अमर उजाला
परंपरा के अनुसार नगर कीर्तन के आगे स्कूली बच्चे अपने बैंड के साथ करतब दिखा रहे थे। गतका पार्टियों ने मार्शल आर्ट्स में जौहर दिखाए। अमृतसर रूट में श्रद्धालुओं में इतना उत्साह व उमंग था कि नगर कीर्तन निर्धारित समय से कई घंटे लेट पहुंचा। अलग-अलग गुरुद्वारा और मोहल्ला कमेटियों ने नगर कीर्तन में शामिल संगत के लिए लंगर-पानी की व्यवस्था की थी। नगर कीर्तन पहुंचने पर कई सभा-सोसाइटी ने आतिशबाजी भी की। श्री हरमंदिर साहिब में नगर कीर्तन की शुरुआत के समय एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह और भाई राम सिंह सहित कई गणमान्य मौजूद थे। भाई लौंगोवाल ने गुरु साहिब का शुकराना करते हुए कहा कि अलग-अलग सिख संस्थाओं व संगत द्वारा दिए गए सहयोग से नगर कीर्तन अगले पड़ाव के लिए रवाना किया गया है।
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नगर कीर्तन
- फोटो : अमर उजाला
वीरवार दोपहर साढ़े तीन बजे अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे नगर कीर्तन के स्वागत के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण नगर कीर्तन शुक्रवार सुबह पांच बजे श्री हरमंदिर साहिब में पहुंचा। अटारी से श्री हरमंदिर साहिब के 30 किलोमीटर रास्ते को तय करने में नगर कीर्तन को 14 घंटे से अधिक का समय लगा। श्री हरमंदिर साहिब में भी नगर कीर्तन के स्वागत के लिए पवित्र परिक्रमा में रेड कारपेट बिछाया गया था। नगर कीर्तन अमृतसर के प्रमुख चौराहों से होता हुआ शाम को मजीठा पहुंचा जहां पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने संगत के साथ नगर कीर्तन का स्वागत किया। नगर कीर्तन शुक्रवार रात डेरा बाबा नानक में विश्राम कर शनिवार सुबह अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा।
नगर कीर्तन आगामी 100 दिनों में देश के 17 राज्यों के 65 शहरों से होते हुए सुल्तानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा बेर साहिब में संपन्न होगा। वतन पहुंचने के बाद नगर कीर्तन सिख धर्म के सभी तख्त साहिबान में भी पहुंचेगा। नगर कीर्तन तख्त श्री केसगढ़ साहिब, तख्त पटना साहिब, तख्त श्री पटना साहिब और तख्त श्री हजूर साहिब के साथ-साथ ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक झिरा में भी जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष ने गवर्नर वीपी सिंह बदनौर को इंटरनेशनल नगर कीर्तन में शामिल होने का न्योता भेजा है। भाई लौंगोवाल ने गवर्नर को लिखे एक पत्र में 8 अगस्त को नगर कीर्तन के चंडीगढ़ में प्रवेश करते समय इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने का आग्रह किया है। भाई लौंगोवाल शुक्रवार को गवर्नर के चंडीगढ़ स्थित राज भवन में पहुंचे और पत्र सौंपा। बदनौर ने न्योते को स्वीकार कर लिया है। इस अवसर पर एसजीपीसी के सीनियर उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, एसजीपीसी सदस्य बीबी हरजिंदर कौर और अवतार सिंह सांपला भी मौजूद थे।