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500 और 1000 के नोट बंद होते ही सामने आया बड़ा साइड-इफैक्ट

Thu, 10 Nov 2016 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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500 और 1000 के नोट बंद करने का फरमान होजरी उद्योग का बंटाधार कर सकता है। ऐसा होजरी उद्यमियों का मानना है। उद्यमी तर्क देते हैं कि होजरी कारोबार की ग्रह दशा ही सही नहीं है। जम्मू कश्मीर में पिछले चार माह से डिस्टर्बेंस के कारण माल नहीं जा पा रहा है। मौसम अनुकूल होने के कारण अच्छे कारोबार की उम्मीद बंधी थी, लेकिन मोदी के दूसरे सर्जिकल स्ट्राइक ने सारा गणित बिगाड़ कर रख दिया है। 
 
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इन हालात में उद्योग की पूरी गाड़ी ही पटरी से उतर गई है, उसे वापस लाना मुश्किल है। लुधियाना का अस्सी फीसदी से अधिक होजरी उद्योग असंगठित क्षेत्र में स्थित है। यहां पर पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों से रिटेल व्यापारी आकर कैश में ही माल खरीदते हैं, लेकिन अब यह सारा कारोबार एक ही झटके में चौपट हो गया है।
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note - फोटो : अमर उजाला
निटवियर एंड टेक्सटाइल क्लब के प्रधान विनोद थापर का कहना है कि पहले जम्मू कश्मीर के हालात ने मारा, अब मोदी ने। होजरी उद्योग का सीजन सिर्फ 15 दिसंबर तक रहता है। आज बाजार में बड़े नोट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कारोबार बिल्कुल ठप हो गया है। उद्यमियों का सारा गणित ही गड़बड़ा गया है। इस झटके को उद्यमी बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। 

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लुधियाना व्यापार मंच के प्रधान कपिल शर्मा ने कहा कि इस फरमान का होजरी कारोबार पर खासा असर हुआ है। नया माल बिक नहीं रहा है और पुराने माल की पेमेंट नहीं आ रही है। ऐसे में नगदी का संकट गहरा गया है।
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निटवियर क्लब के महासचिव नरेंद्र मिगलानी कहते हैं कि मोदी इफेक्ट के बाद होजरी उद्योग का सारा गणित बिगड़ गया है। बाजार में नगदी गायब हो गई है। अब उद्यमियों को समझ नहीं आ रहा है क्या किया जाए।  
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