500 और 1000 के नोट बंद करने का फरमान होजरी उद्योग का बंटाधार कर सकता है। ऐसा होजरी उद्यमियों का मानना है। उद्यमी तर्क देते हैं कि होजरी कारोबार की ग्रह दशा ही सही नहीं है। जम्मू कश्मीर में पिछले चार माह से डिस्टर्बेंस के कारण माल नहीं जा पा रहा है। मौसम अनुकूल होने के कारण अच्छे कारोबार की उम्मीद बंधी थी, लेकिन मोदी के दूसरे सर्जिकल स्ट्राइक ने सारा गणित बिगाड़ कर रख दिया है।
विज्ञापन
2 of 5
note
इन हालात में उद्योग की पूरी गाड़ी ही पटरी से उतर गई है, उसे वापस लाना मुश्किल है। लुधियाना का अस्सी फीसदी से अधिक होजरी उद्योग असंगठित क्षेत्र में स्थित है। यहां पर पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों से रिटेल व्यापारी आकर कैश में ही माल खरीदते हैं, लेकिन अब यह सारा कारोबार एक ही झटके में चौपट हो गया है।
विज्ञापन
3 of 5
note
- फोटो : अमर उजाला
निटवियर एंड टेक्सटाइल क्लब के प्रधान विनोद थापर का कहना है कि पहले जम्मू कश्मीर के हालात ने मारा, अब मोदी ने। होजरी उद्योग का सीजन सिर्फ 15 दिसंबर तक रहता है। आज बाजार में बड़े नोट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कारोबार बिल्कुल ठप हो गया है। उद्यमियों का सारा गणित ही गड़बड़ा गया है। इस झटके को उद्यमी बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।
4 of 5
note
लुधियाना व्यापार मंच के प्रधान कपिल शर्मा ने कहा कि इस फरमान का होजरी कारोबार पर खासा असर हुआ है। नया माल बिक नहीं रहा है और पुराने माल की पेमेंट नहीं आ रही है। ऐसे में नगदी का संकट गहरा गया है।
निटवियर क्लब के महासचिव नरेंद्र मिगलानी कहते हैं कि मोदी इफेक्ट के बाद होजरी उद्योग का सारा गणित बिगड़ गया है। बाजार में नगदी गायब हो गई है। अब उद्यमियों को समझ नहीं आ रहा है क्या किया जाए।