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500/1000 के नोटों ने खड़ी कर दी नई टेंशन, ये जानकारी RBI को भी देगी झटका...अलर्ट रहें

Sun, 16 Sep 2018 10:01 AM IST
जीतेंद्र जीत, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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पुराने नोट
500/1000 के नोट को लेकर मुसीबत अभी तक खत्म नहीं हुई है। यह खबर पढ़कर आरबीआई को भी झटका लगेगा, आप भी अलर्ट रहें वरना कानूनी पचड़े में फंसेंगे।

हरियाणा के हिसार में एक करोड़ 43 लाख रुपये की पुरानी करेंसी पकड़ी गई है और नोटबंदी के 22 माह 6 दिन बाद हिसार जैसे शहर से पुरानी करेंसी पकड़े जाना देश में किसी बड़े गोलमाल की ओर इशारा करता है। हालांकि पुलिस इस मामले में खुलकर नहीं बोल रही है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुराने नोटों के सौदागरों द्वारा इस करेंसी को नेपाल के रास्ते आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) तक पहुंचाकर मोटा मुनाफा कमाना था।

केवल हिसार में इस तरह बंद हो चुके नोट पकड़े जाना इस बात की ओर भी इशारा करता है कि इस तरह का खेल देशभर के अन्य इलाकों में भी खेला जा रहा होगा। 8 नवंबर 2016 नोटबंदी के बाद से ही पुराने नोटों को बदलने का खुफिया कारोबार शुरू हो गया और इस गोरखधंधे को अंजाम देने वाले नोटों के सौदागर नए तरीके से नोटों को ठिकाने लगाने के तरीके खोजने लगे। इस बीच नेपाल द्वारा बंद हो चुके 500-1000 के भारतीय नोट नई करेंसी में बदलवाने के प्रयास शुरू हो गए, जिससे करेंसी सौदागरों को नया रास्ता मिल गया।

हिसार में पकड़ी गई करीब डेढ़ करोड़ की करेंसी मात्र साढ़े 7 लाख रुपये में खरीदी गई, जिससे साबित होता है कि नोटों के सौदागर देश की अर्थव्यवस्था को चूना लगाते हुए मोटा मुनाफा कमाने की जुगत में हैं। नोटबंदी के बाद देशभर में अनेक स्थानों पर पुराने 500-1000 के नोट पकड़े जाने के अनेक मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में पुरानी करेंसी का यह खेल अरबों-खरबों में हो सकता है।
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आरबीआई कर चुकी 99.30 प्रतिशत नोट वापसी का दावा

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Old currency
आरबीआई ने 30 अगस्त 2018 को मीडिया को जानकारी दी थी कि नोटबंदी के बाद से अब तक 500-1000 के बंद किए 99.30 प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं। आरबीआई के अनुसार नोटबंदी के कुल नोटों में से 10 हजार 720 करोड़ रुपये के नोट ही जमा होने रह गए हैं। 

नेपाल के प्रधानमंत्री लगा चुके नोट बदलने की गुहार
नेपाल के रास्ते 500-1000 के नोटों को आरबीआई तक पहुंचाने का दावा इसलिए पुख्ता होता है, क्योंकि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद से ही नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड कई बार प्रधानमंत्री मोदी से पुराने नोटों को नई भारतीय मुद्रा में बदलने में मदद के प्रबंध का आग्रह कर चुके थे। उसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इसी वर्ष अप्रैल माह में अपनी पत्नी के साथ तीन दिवसीय भारतीय दौरे पर आए तो उन्होंने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नोट बदलने का आग्रह किया था। 

नोटों के सौदागरों को क्यों है नेपाल से उम्मीद
बंद हो चुकी भारतीय करेंसी के 500-1000 के नोटों के सौदागरों को नेपाल के द्वारा अपने नोट बदलकर मोटा मुनाफा कमाने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि भारत के अलावा भारतीय करेंसी का सबसे अधिक प्रयोग करने वाला देश नेपाल ही है। नेपाल के प्रधानमंत्रियों द्वारा 9.5 अरब के 500-1000 के नोट नेपाल में प्रचलन में होने की बात स्वीकारी गई है। देश के सीमावर्ती तराई क्षेत्र में भारत के साथ व्यापार और अन्य वाणिज्यिक लेन-देन में नेपाली रुपये की तुलना में भारतीय मुद्रा का कहीं अधिक प्रयोग होता है। नेपाल के महाकाली जोन में चंदानी और दोधारा वीडीसी में लोग लगभग 95 प्रतिशत वित्तीय लेन-देन भारतीय मुद्रा में करते हैं। नेपाल में कुल मौद्रिक लेन-देन का 5वां हिस्सा भारतीय मुद्रा में होता है।
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पुराने नोटों से भरा दूसरा जहाज भेजने की थी तैयारी!

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old currency - फोटो : amar ujala
हिसार में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नोटबंदी के तुरंत बाद 22 नवंबर 2016 को हिसार से चार्टर्ड प्लेन द्वारा साढ़े तीन करोड़ रुपये के 500-1000 रुपये के नोट भेजे गए थे। खुफिया विभाग की टीम ने इस करेंसी को नागालैंड के दीमापुर हवाई अड्डे से काबू कर लिया था। अब हिसार में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद होना नोट सौदागरों के खुफिया प्लान की ओर इशारा करता है। वीरवार को दोपहर बाद जैसे ही सीआईए की ओर से 1.43 करोड़ रुपये के पुराने नोटों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया तो यह खबर पूरे शहर में फैल गई।

22 नवंबर 2016 को हिसार से उड़ गए थे नोट      
नोटबंदी के मात्र छह दिन बाद 500-1000 के साढ़े तीन करोड़ के नोटों से भरा बैग लेकर चार्टर्ड प्लेन हिसार से नागालैंड के दीमापुर गया था। खुफिया विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर प्लेन की दीमापुर नागालैंड के दीमापुर अड्डे पर तलाशी ली। सीआईएसएफ ने एक व्यवसायी को काबू किया और उसके कब्जे से साढ़े तीन करोड़ के पुराने नोट बरामद किए। पकड़ा गया व्यापारी बिहार के मुंगेर निवासी अमरजीत सिंह था। यह नकदी नागालैंड के पूर्व राज्यसभा सदस्य के बेटे अनाटो जिमामी की बताई गई थी।

रोहतक से भी आए थे पुराने नोट       
नोटबंदी के कुछ समय बाद ही 12 फरवरी 2017 को पुराने नोटों से जुड़ा एक और मामला सामने आया था। कुछ लोग करीब 33 लाख कीमत के पुराने नोट बदलवाने के लिए रोहतक से हिसार आए थे। जब वह सामने वाली पार्टी का बाईपास पर एक होटल पर उनके आने का इंतजार कर रहे थे तो पुलिस को इस बात की सूचना मिल गई। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी करके वहां से पांच आरोपियों के पास से 33 लाख के पांच सौ व एक हजार के नोट बरामद किए थे।
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आरोपियों पर करेंसी एक्ट अधिनियम और आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज

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पुरानी करेंसी
सीआईए टीम ने शुक्रवार दोपहर आजाद नगर की नवदीप कालोनी के एक घर में छापा मारकर एक करोड़ 43 लाख रुपये की पुरानी करेंसी जब्त की है। मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जब्त किये गए नोट 500 और 1000 रुपये के हैं। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने दिल्ली के एक प्रॉपर्टी डीलर से 1.43 करोड़ की पुरानी करेंसी लेकर बदले में साढ़े सात लाख रुपये के नए नोट देने का सौदा किया था। यह भी पता चला है कि आरोपी पुराने नोट को नेपाल ले जाकर चलाना चाहते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ करेंसी एक्ट अधिनियम व आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी सुनील ने बताया कि उसकी एक प्लॉट को खरीदने के लिए दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलर का काम करने वाले गुर इकबाल से मुलाकात हुई। बातचीत में गुर इकबाल ने बताया कि उसके पास कुछ पुरानी करेंसी है, जिसको वह कम कीमत में बेचना चाहता है। इसके बाद उन दोनों में पुरानी करेंसी खरीदने को लेकर डील हुई। दोनों में 1.43 करोड़ की पुरानी करेंसी के बदले साढ़े सात लाख रुपये के नए नोट देने की बात तय हुई। इस सौदे में सुनील ने अपने दोस्त प्रवीन को शामिल किया। इसके बाद उन्होंने सौदे के लिए गुर इकबाल को अपने मामा नरेश पहलवान के घर हिसार बुलाया। जब उनके बीच सौदा हो रहा था तभी पुलिस ने छापेमारी कर दी। गिरफ्तार आरोपियों में रोहतक के गिरावड़ गांव का सुनील, सुनील का चचेरा भाई सुरेंद्र, समर गोपालपुर (रोहतक) का प्रवीन, दिल्ली के विकासपुरी का गुर इकबाल व नवदीप कॉलोनी निवासी नरेश शामिल है। पुलिस टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

बरामद राशि का पांच गुणा जुर्माना और आपराधिक केस होगा दर्ज
नोटबंदी के बाद पुराने नोट को करेंसी के समानांतर चलाने से रोकने के लिए सरकार ने कानून लागू किया था। इसको द स्पेशिफाइड बैंक नोट-2017 के अनुसार देनदारी दायित्व समाप्ति कानून का नाम दिया गया। इस कानून के अनुसार अगर किसी के पास बंद करेंसी के 10 नोट से ज्यादा नोट पाए जाते हैं तो उस पर कम से कम 10 हजार रुपये या बरामद राशि का पांच गुणा में जो ज्यादा होगा, जुर्माना किया जाएगा। राशि भुगतान के लिए आरोपी की संपत्ति केस के साथ अटैच की जाएगी। इसके अलावा आरोपी पर आपराधिक केस भी चलाया जाएगा। इस केस में आरोपियों से 1.43 करोड़ रुपये मिले हैं। इस तरह नियम के अनुसार उनसे 7 करोड़ 15 लाख रुपये जुर्माने के रूप में वसूले जाएंगे।
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