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पति के अवशेषों पर उतारा सुहाग का चूड़ा, फिर चली शवयात्रा, देखकर मां खो बैठी होश

Mon, 09 Apr 2018 06:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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सुरजीत मेनका का अंतिम संस्कार
इराक से आए पति के अवशेषों पर सुहाग का चूड़ा उतारा, फिर शवयात्रा चली। वहीं यह सब देखकर मृतक की मां होश खो बैठी, देखिए तस्वीरें।
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सुरजीत मेनका का अंतिम संस्कार
जालंधर स्थित आदमपुर के पास गांव चूहड़वाली के सुरजीत माणके की मां हरबंस कौर और पत्नी ऊषा का तो बुरा हाल था। एक ही आवाज निकल रही थी कि हमारा तो सब कुछ लुट गया। हम तो चेहरा भी देख नहीं सके। वह रोते हुए कहने लगीं कि किन्नी वार दिल्ली गए पर सुरजीत नहीं मिलेया। सानूं धोखे च रखेया... कहदें सी सब ठीक  है, हमें क्या पता था कि हमारे साथ धोखा किया जा रहा है।
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सुरजीत मेनका का अंतिम संस्कार
सुरजीत के अवशेष जब पहुंचे तो उसकी पत्नी ऊषा लाल चूड़ा पहने उनका इंतजार कर रही थी, लेकिन उसे क्या पता था कि पति की हालत ऐसी होगी कि वे देख भी नहीं पाएंगी। सुरजीत के अवशेष देख मां हरबंस कौर बोलीं- ये मेरा बेटा नहीं हो सकता, जब गया था तो ऐसा नहीं था। सुरजीत मेनका के अवशेष मंगलवार सुबह 9 बजे गांव पहुंचे तो हरबंस कौर का विलाप सुन वहां मौजूद सभी की आंखें भीग गईं।

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सुरजीत मेनका का अंतिम संस्कार
पत्नी उषा रानी बिलखते हुए बोलीं- पत्नी बोली 4 की जगह मैं 10 साल इंतजार कर लेती, लेकिन आप ऐसे तो न आते। सुबह 10 बजे के करीब सुरजीत का अंतिम संस्कार हुआ। 7 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। हमें 20 बार दिल्ली बुलाया गया, रात की ट्रेन पकड़ते और सीधा रकाबगंज गुरुद्वारा साहिब पहुंच जाते, वहां से सुबह बस में हमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पास ले जाया जाता। हर बार वह दिलासा देतीं कि आपके लोग जिंदा है, चिंता न करो।
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सुरजीत मेनका का अंतिम संस्कार
हम दिल्ली गए, इस आशा में कि सुरजीत की शायद खोज खबर मिल गई होगी। हम जब भी कहते कि हमें एक बार उनसे बात करवा दो या उनका लाइव वीडियो दिखा दो तो विदेश मंत्री गुस्से में आ जातीं और कहतीं कि जाओ जो समझना है.. फिर समझते रहो। हमारे पास कोई रास्ता नहीं था, हम उनकी बात पर भरोसा कर चार साल अपने घर का दरवाजा देखते रहे।
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सुरजीत मेनका का अंतिम संस्कार
जेब से पैसा खर्च कर दिल्ली पहुंचते और सुषमा यह ही कहतीं कि सब ठीकठाक है, हमें क्या पता था कि हमारे साथ धोखा किया जा रहा है। एक बार तो दिल्ली में कहा गया कि सभी अगवा लोग मोसुल से 25 किमी दूर बादुश के जेल में बंद हैं। सभी भारतीय लोगों के इराक में जिंदा होने का दावा किया था। हम सिर्फ इतना ही कहते कि एक बार उनकी फोटो मंगवा दो तसल्ली हो जाएगी।
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