अगर आप भी किसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में केस करने की सोच रहे हैं तो पहले ये खबर पढ़िए, देखिए कि वहां पहले ही कितने केस लटके पड़े हैं।
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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दरअसल, लंबे समय से मंजूर पदों से लगभग आधे जजों की मौजूदगी के चलते पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या अब 3 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। यह हाल केवल हाईकोर्ट का ही नहीं है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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चंडीगढ़, हरियाणा व पंजाब की जिला अदालतों में भी लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। हाईकोर्ट की ओर से लंबित मामलों की जो जानकारी दी गई है, उसके अनुसार मई 2017 तक हाईकोर्ट में 3 लाख 14 हजार 870 केस लंबित हैं।
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आंकड़ों के अनुसार हाईकोर्ट में वर्ष 2016 के अंत तक ही लंबित केसों की संख्या 3 लाख पहुंच गई, जबकि वर्ष 2015 के अंत तक यह आंकड़ा 2 लाख 88 हजार 641 थी। हैरत की बात यह है कि...
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Court
हैरत की बात यह है कि 2017 में मई तक 57 हजार 926 नए केस हाईकोर्ट में दायर हुए, जिसमें से 45 हजार 369 केसों का निपटारा भी किया जा चुका है। गत वर्ष एक लाख 28 हजार 448 केस दायर किए गए और एक लाख 14 हजार केसों का निपटारा भी कर दिया गया था।
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Demo Pic
- फोटो : google
पंजाब की जिला अदालतों में 30 अप्रैल 2017 तक 5 लाख 17 हजार 970 केस लंबित हैं, जो गत वर्ष की तुलना में 13 हजार अधिक हैं। पंजाब की तुलना में हरियाणा की जिला अदालतों में लंबित केसों की संख्या अधिक है।
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
हरियाणा की सभी जिला अदालतों में 5 लाख 90 हजार 343 केस अप्रैल 2017 तक लंबित थे। इसी वर्ष पंजाब की सभी जिला अदालतों में 2 लाख 21 हजार 994 नए केस दायर किए गए तो उनमें से 2 लाख 8 हजार 343 केसों का निपटारा भी कर दिया गया है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
दूसरी ओर, हरियाणा की जिला अदालतों में इसी दौरान 2 लाख 29 हजार 127 नए केस दायर किए गए तो उनमें से 1 लाख 86 हजार 520 केसों का निपटारा भी किया जा चुका है। तय है कि केसों के निपटारे में पंजाब कि जिला अदालतों ने हरियाणा की जिला अदालतों से बेहतर काम किया है।
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कोर्ट, कंज्यूमर फोरम
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ की जिला अदालत में 43 हजार 121 केस लंबित हैं। इस वर्ष अप्रैल माह तक 35 हजार 866 केस का निपटारा भी किया जा चुका है। इसी वर्ष अप्रैल माह तक चंडीगढ़ की जिला अदालत में 35 हजार से अधिक केस दायर हुए, जिसमें से 31 हजार से अधिक केसों का निपटारा किया जा चुका है।
हाईकोर्ट में जजों के स्वीकृत पद 85 हैं, जबकि वर्तमान में 47 जज कार्यरत हैं। सोमवार को छह अन्य जजों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या 53 हो जाएगी। इस लिहाज से अभी भी हाईकोर्ट में 32 जजों के पद खाली पड़े हैं। वीरवार को जस्टिस दर्शन सिंह सेवानिवृत्त हो गए हैं।
इनके बाद इसी महीने 23 जुलाई को जस्टिस स्नेह पराशर और 21 जुलाई को जस्टिस एम जयपॉल सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 3 सितंबर को जस्टिस एसएस सारों और 17 अक्टूबर को जस्टिस रामेश्वर सिंह मालिक सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
इस तरह इस चार जजों की सेवानिवृत्ति के बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या फिर 50 से कम होकर 49 रह जाएगी, जिसका हाईकोर्ट में लंबित केसों के निपटारे पर भी प्रभाव पड़ेगा।