103 साल की उम्र में चार गोल्ड मेडल जीत लाईं। वहीं खुद को फिट और हेल्दी रखने के लिए वे जो कुछ भी करती हैं, उसके बारे में खुद बता रही हैं। आप भी जानिए और आजमाइए।
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एथलीट मान कौर
जिस उम्र में अधिकतर लोग बीमारियों से ग्रस्त होकर चारपाई पर लेटे होते हैं, उमें मान कौर देश ही नही विदेशों में भी मेडल जीतने में लगी हुई हैं। चंडीगढ़ की रहने वाली मान कौर जीवन का शतक पूरा कर चुकी हैं। उनकी उम्र 103 साल है। उन्होंने पॉलैंड में हुई वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ऐसा प्रदर्शन किया कि विदेशी खिलाड़ी भी उनकी हिम्मत के कायल हो गए।
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एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
मान कौर ने चैंपियनशिप में चार गोल्ड मेडल जीतकर दिखा दिया कि इस उम्र में भी उनके जज्बे और हिम्मत का कोई सानी नहीं है। मान कौर ने 60 मीटर रेस, 200 मीटर रेस, शॉटपुट, जैवलिन थ्रो इवेंट में शिरकत की और हर एक में गोल्ड जीतते हुए कुल 4 गोल्ड मेडल जीते। वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 देशों से 5 हजार एथलीट ने हिस्सा लिया।
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एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
भारत से भी मास्टर्स एथलीटों ने इसमें हिस्सा लिया। मान कौर के साथ 70 वर्ष से अधिक उम्र के उनके बेटे गुरदेव सिंह भी कई इवेंट में शामिल हुए, लेकिन वह मेडल जीत नहीं पाए। गुरदेव सिंह ने बताया कि जिस जोश के साथ मान कौर ने चैंपियनशिप में प्रदर्शन किया। उसे देखते हुए विदेशों से आए एथलीट भी उनके मुरीद हो गए। इन विदेशी एथलीटों ने उनसे इस उम्र में फिट रहने के टिप्स भी लिए।
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एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
ऐसे रहती हैं फिट
मान कौर रोजाना सुबह पार्क में 100 मीटर की दौड़ लगाती हैं। अपने को फिट रखने के लिए योगा का सहारा भी लेती हैं। बाहर की और तली हुई चीजों को खाने से परहेज करती हैं। दिन में दो से ज्यादा बार जूस पीती हैं। 103 साल की उम्र में मान कौर की फिटनेस से सौ से अधिक उम्र के पूर्व खिलाड़ी फौजा सिंह भी उनके जज्बे को सलाम कर चुके हैं। वे अकसर उन्हें फिटनेस टिप्स लेते नजर आते हैं।
यहां जीते मेडल
कनाडा में 2013 में हुई मास्टर्स चैंपियनशिप में 400 मीटर स्प्रिंट, 100 मीटर स्प्रिंट, गोला फेंक, जेवलिन थ्रो में कुल 5 गोल्ड मेडल जीते। अमेरिका में 2013 में हुई वर्ल्ड सीरीज गेम्स मे 100 मीटर स्प्रिंट, 200 मीटर स्प्रिंट, 400 मीटर स्प्रिंट, शॉटपूट, जेवलिन थ्रो में 5 गोल्ड मेडल जीते। अमेरिका में 2011 में हुई इंटरनेशनल एथलेटिक्स मीट में न केवल वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया, बल्कि एथलीट ऑफ द ईयर का खितबा भी जीता। वे भारत की पहली वेटरन खिलाड़ी हैं, जिन्हें यह खिताब मिला।