फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 साल की बच्ची जल्दी ही बच्चे को जन्म देने वाली है, डॉक्टरों ने उठाया बड़ा कदम

Fri, 11 Aug 2017 10:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 6
बच्ची के साथ दुराचार किया
10 साल की बच्ची बहुत जल्द बच्चे को जन्म देगी। ऐसे में डॉक्टरों को सेफ डिलीवरी और जच्चा बच्चा की सेफ्टी की चिंता सता रही है, जिसके लिए बड़ा कदम उठाया गया है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
child rape
करीब साढ़े आठ महीने की गर्भवती दस वर्षीय लड़की को सेक्टर-32 स्थित मेडिकल कॉलेज में दाखिल कर लिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची अब एडवांस स्टेज पर है, इसलिए किसी भी तरह की दिक्कत का जल्द समाधान करने के लिए उसे एडमिट करना सही लगा। बच्ची की जांच की गई है। फिलहाल सब कुछ ठीक है।

 
विज्ञापन

3 of 6
child rape - फोटो : demo pics
डॉक्टरों के मुताबिक वह हेल्दी है। चेकअप के बाद वह पूरे दिन कार्टून देखती रही। उसे देखकर यह बिल्कुल नहीं लग रहा था कि वह तनाव में होगी। हालांकि इस बारे में पीजीआई की रिपोर्ट में भी उल्लेख किया गया था कि बच्ची मानसिक रूप से मजबूत है।

4 of 6
बच्ची से रेप
डॉक्टरों का कहना है कि अगले कुछ दिन लड़की के लिए अहम है। 15-20 दिनों के बीच डिलीवरी हो सकती है। वैसे बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। डायरेक्टर-प्रिंसिपल ने एक टीम गठित की है जिसमें डायटीशियन, चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट, गायनिकॉलोजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन पूरी टीम 24 घंटे देखभाल में जुटी है।
विज्ञापन

5 of 6
child rape
डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के इलाज का पूरा खर्चा चंडीगढ़ प्रशासन उठाएगा। परिजनों को एक भी रुपये खर्च नहीं करने होंगे। मेडिकल कॉलेज की ओर से दावा किया गया है कि बच्ची के इलाज और अन्य किसी काम में कोताही नहीं बरती जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में चंडीगढ़ कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट भी लगातार नजर रख रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
child rape
बता दें कि दस वर्षीय बच्ची के साथ उसके मामा ने दुराचार किया था। जब वह सात माह की गर्भवती होने के बाद पता चला था कि उसके पेट में बेबी है। उसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने आरोपी मामा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। उसके बाद गर्भपात के लिए जिला अदालत में याचिका डाली गई। गर्भपात की याचिका खारिज कर दी गई। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई तो वहां भी गर्भपात के लिए मना कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें