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10 साल की बच्ची ने बच्चे को जन्म तो दे दिया, परअब उसका भविष्य क्या है...जानिए

Sun, 20 Aug 2017 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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pregnant girl delivery
10 साल की रेप पीड़िता ने बच्चे को जन्म तो दे दिया, लेकिन अब इतनी छोटी सी उम्र में मां बनी बच्ची का भविष्य क्या है। आखिर वह कैसे जिएगी और किन हालातों में, विशेष रिपोर्ट।
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बच्ची के साथ दुराचार किया
काउंसिलिंग करके बुरे हादसे के डर से निकालना होगा
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे को जन्म देने के बाद बच्ची को बरसों तक काउंसिलिंग की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि उसे इस बुरे हादसे से निकालना होगा। इसके लिए उसे तीन आर यानी रेस्पेक्ट (सम्मान), रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) और रिजिलियन्स (दुख से उबरने के कौशल) पर केंद्रित काउंसिलिंग की जरूरत पड़ेगी। मुंबई के मनोविज्ञानी हरीश शेट्टी कहते हैं कि उसे अच्छी काउंसिलिंग के साथ सपोर्ट की जरूरत है।
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child rape
बच्ची का का पुनर्वास करना होगा
बच्ची का का पुनर्वास करना होगा। उसे ऐसी जगह रखना होगा जहां उसके साथ सम्मान का व्यवहार हो। यह बच्ची परिपक्वता हासिल करने के नजरिये से अभी बहुत छोटी है। उसका स्कूल बदला जाएगा। सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट ने बच्ची के पिता को कहा है कि वह चाहें तो स्कूल फौरन बदला जा सकता है। डिपार्टमेंट के प्रतिनिधियों ने यह भरोसा भी दिलाया है कि बच्ची को इस दर्द से उभारने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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काउंसिलिंग - फोटो : logo
बच्ची और अभिभावकों की काउंसलिंग होगी
मेडिकल कॉलेज में बच्ची के लिए चाइल्ड साइकोलॉजी व सीनियर साइकेट्रिस्ट नियुक्त किया गया है जो बच्ची को दर्द से उबारने में मदद करेंगे। स्पेशलिस्ट काउंसिलर बच्ची व उसके अभिभावक की भी काउंसलिंग कर रहे हैं। हालांकि जब सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची का गर्भ गिराने से संबंधित पीजीआई से रिपोर्ट मांगी थी तो पीजीआई ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया था कि बच्ची मानसिक रूप से मजबूत है। उस पर इसका कोई असर नहीं है।
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स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां झेलती रहेगी
10 साल की उम्र में मां बनी बच्ची को अब सारी जिंदगी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी उठानी पड़ सकती है। पीड़िता का वीरवार सुबह भी ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। हालांकि बाद में उसे कंट्रोल कर लिया गया है। अब बच्ची ठीक है। उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। आईसीयू से उसे स्पेशल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। डाक्टरों ने बताया कि ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह उसकी उम्र हो सकती है। छोटी सी उम्र में उसका सिजेरियन किया गया है।
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supreme court
रेप पीड़िता बच्ची को 10 लाख मुआवजे की मांग
सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार की शिकार 10 वर्षीय लड़की को 10 लाख रुपये मुआवजा देने के बारे में केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा है। बच्ची ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में एक बच्चे को जन्म दिया है। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ के समक्ष पीड़िता को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की गुहार की। जिस पर पीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण को नोटिस जारी किया है।
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Baby Delivery
अपनी तरह का यह पहला केस
मेडिकल कॉलेज का यह पहला केस है, जब दस वर्षीय बच्ची की डिलीवरी को अंजाम दिया गया हो। गाइनी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची का ऑपरेशन करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन बेहतर टीम और प्लानिंग से कोई दिक्कत नहीं आई। डाक्टरों के मुताबिक बच्ची को करीब एक हफ्ता रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी, जबकि नवजात को चार से पांच दिन के बाद।

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pregnant girl delivery
सात माह की प्रेग्नेंसी के बाद हुआ था खुलासा
27 जुलाई 2017 को मामले का खुलासा हुआ, जब बच्ची की तबीयत खराब हुई। बच्ची को उसके मामा ने हवस का शिकार बनाया था। कई बार उससे रेप किया। बीते महीने के दूसरे हफ्ते जब बच्ची के पेट में दर्द हुआ तो उसकी मां उसे डॉक्टर के पास लेकर गई। वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची सात महीने की प्रेग्नेंट है। उसके बाद मामला पुलिस में पहुंचा। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसके मामा ने ही उससे रेप किया था। पुलिस ने मामा को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है।
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गर्भपात कराने से मना - फोटो : demo pic
सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात कराने से मना कर दिया था
जब मामले का खुलासा हुआ तो बच्ची का गर्भ गिराने के लिए जिला अदालत और फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई। सुप्रीम कोर्ट ने पीजीआई चंडीगढ़ से रिपोर्ट मांगी कि यदि इस वक्त बच्ची का गर्भ गिराया जाए तो क्या फर्क पड़ सकता है। पीजीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि  मौजूदा स्थिति में बच्ची का गर्भ नहीं गिराया जा सकता। इससे बच्ची की जान पर खतरा आ सकता है। ऐसे में डिलीवरी कराना ही जच्चा-बच्चा के लिए सुरक्षित होगा। रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गर्भ गिराने से मना कर दिया था।
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