पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में परिवार को न्याय के लिए 16 साल इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कोर्ट में करीब 150 बार पेशी हुई। सीबीआई ने केस की मजबूती के लिए 46 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष ने 21 लोगों की गवाही करवाई। इसके बाद कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए गुरमीत राम रहीम और तीन अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया।
अब परिवार समेत पूरे देश की निगाहें 17 जनवरी को आने वाले फैसले पर टिक गई हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोर्ट सजा पर फैसला पंचकूला कोर्ट से सुनाएगी या फिर सुनारिया जेल से, लेकिन मुख्यारोपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।