फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये हैं दुनिया की सबसे दयनीय अर्थव्यवस्था, एक देश की 13000 फीसदी है मुद्रास्फीति दर

Mon, 25 Mar 2019 05:24 PM IST
Priyesh Mishra बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 10
अर्थव्यवस्था
एक तरफ जहां ग्लोबल इकोनामी के सपने को साकार करने में दुनिया के सभी देश जुटे हुए हैं वहीं कई देश ऐसे भी हैं जहां की अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो ये देश गंभीर संकट में फंस सकते हैं। विश्व की आर्थिक विकास दर 3.7 फीसदी के हिसाब से बढ़ रही है वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं जहां बेरोजगारी बहुत ज्यादा है। जानिए यहां-
 
विज्ञापन

2 of 10
जैर बोलसनेरो (राष्ट्रपति)

 ब्राजील

इस देश में राजनैतिक अस्थिरता की कीमत अर्थव्यवस्था को चुकाना पड़ा है। इस कारण ब्राजील में बेरोजगारी की दर बहुत ज्यादा है। साल 2018 में यहां बेरोजगारी की दर 12 फीसदी को पार कर गई थी।
विज्ञापन

3 of 10
स्पेन के राष्ट्रपति

स्पेन

यूरोपीय देश स्पेन की अर्थव्यवस्था भी कठिन दौर से गुजर रही है। साल 2008 के आर्थिक मंदी और कैटोलोनिया को लेकर उपजे हालात से यहां की वित्तीय स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। स्पेन में बेरोजगारी की दर यूरोपीय यूनियन के सभी देशों में सबसे ज्यादा है।

4 of 10
Petro Poroshenko

यूक्रेन

रूसी नाकेबंदी का सामना कर रहा यूक्रेन इस समय आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हो चुका है। कभी हथियारों के बड़े सौदागरों में गिना जाने वाला यग देश आज बड़े स्तर पर बेरोजगारी का सामना कर रहा है। यहां बेरोजगारी की दर 9.5 फीसदी से ज्यादा है।
विज्ञापन

5 of 10
Prokopis Pavlopoulos

ग्रीस

स्पेन की तरह ग्रीस भी यूरोपीय यूनियन का सदस्य देश है। जिसकी अर्थव्यवस्था हमेशा खराब कारणों से सुर्खियों में रहती है। आर्थिक सुधारों को लेकर कई बार देश में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं जबकि यूरोपीय यूनियन सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थान बेल आउट पैकेज भी दे चुके हैं। यहां लगभग आधी आबादी बेरोजगार है।
विज्ञापन

6 of 10
recep tayyip erdogan

तुर्की

सैन्य तख्तापलट का सामना कर चुके इस देश की आर्थिक विकास दर बहुत कम है। यहां बेरोजगारी आज भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इसका प्रमुख कारण अमेरिका द्लारा की गई आर्थिक कार्रवाई है। जिसने इस देश के अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है।
विज्ञापन

7 of 10
मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी

इजिप्ट

अरब क्रांति की चपेट में आए इजिप्ट में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता से हटा दिया था। इससे उपजे हालात से देश में गृहयुद्ध शुरू हो गया था। इसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ी। जमाल अब्देल नासिर के कार्यकाल को इजिप्ट का स्वर्ण युग कहा जाता है। इस समय इजिप्ट की अर्थव्यवस्था गंभीर संकटों का सामना कर रही है।

8 of 10
Mauricio Macri

अर्जेंटीना

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री को 2015 में मुद्रास्फीति को कम करने और आर्थिक विकास को गति देने का वादा करने के बाद चुना गया था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में प्रभावी उच्च करों और व्यापार संरक्षणवाद से प्रभावित अर्थव्यवस्था भारी गिरावट हुई है। इससे रोजगार के सृजन पर असर पड़ा है।
 

9 of 10
Cyril Ramaphosa

दक्षिणी अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका की बेरोजगारी दर 26.7 फीसदी से अधिक है। यह आंकड़ा लगातार गिर रहा है। देश को विभिन्न मोर्चों पर बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण राष्ट्रपति जैकब जुमा को अपनी ही पार्टी के गहन दबाव के बाद इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। यहां युवाओं को रोजगार के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

10 of 10
निकोलस मदुरो और जुआन गोइदो - फोटो : PTI
वेनेजुएला
जिस देश में एक साथ दो राष्ट्रपति हों वहां की स्थिति का अंदाजा ऐसे ही लगाया जा सकता है। यहां मुद्रास्फीती की दर 13000 फीसदी के आस-पास है। वेनेजुएला वर्तमान में न केवल राजनैतिक बल्कि आर्थिक रूप से गंभीर संकटों का सामना कर रहा है। कच्चे तेल के मामलों में समृद्ध देश होने के बावजूद यह देश भयंकर गरीब है। तेल की कीमतों में गिरावट के बाद इनकी तेल आधारित अर्थव्यवस्था क्रैश हो गई। मूल्य नियंत्रण में कमी, गिरते आयात, घटते विदेशी भंडार भी अर्थव्यवस्था को हर दिन तोड़ रहे हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें