फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिलाओं को खूब भाता है सोना, ये हैं निवेश कर मुनाफा कमाने के चार तरीके

Wed, 03 Mar 2021 01:07 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
सोना खरीदने के लिए इच्छुक हैं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
सोना खरीदने का सपना हर महिला देखती है, लेकिन घरेलू बाजार में इसकी बढ़ती कीमतों के चलते कुछ ही महिलाएं सोना खरीद पाती हैं। पिछले साल भारत में सोने के दाम ने आसमान छू लिया था। कोरोना वायरस महामारी के दौर में सोना निवेश के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनकर समाने आया। मौजूदा समय में निवेशकों के लिए एक खास सरकारी योजना भी है, जिसके तहत सरकार 10 महीने के सबसे सस्ते भाव पर सोना बेच रही है। इस सरकारी योजना में निवेश से आपको मोटा मुनाफा हो सकता है। ऐसे में हम आपको सोने में निवेश का एक ऐसा विकल्प बताने जा रहे हैं, जो आपके लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
सोना खरीदने के लिए इच्छुक हैं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
बेहद लाभदायक है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना
हम बात कर रहे हैं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ( Sovereign Gold Bond ) की, जिसके तहत आप पेपर गोल्ड खरीद सकते हैं। इन्हें सरकार जारी करती है। सरकार इन्हें खरीदने के लिए थोड़े-थोड़े समय पर विंडो खोलती है। योजना के तहत बाजार मूल्य से काफी सस्ता सोना खरीद सकते हैं। सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की 12वीं सीरीज एक मार्च से शुरू की और पांच मार्च तक आप इसमें निवेश कर  सकते हैं। यह स्कीम चालू वित्त वर्ष की आखिरी सीरीज है। इसमें सबसे खास बात यह है कि इस बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत 10 महीने में सबसे कम है। 

4,662 रुपये प्रति ग्राम है कीमत
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बार गोल्ड सब्सक्रिप्शन की कीमत 4,662 रुपये प्रति ग्राम तय की है। इससे पहले चालू वित्त वर्ष में दूसरी सीरीज यानि मई 2020 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत 4,590 रुपये प्रति ग्राम थी। वहीं 11वीं सीरीज में बॉन्ड की कीमत 4,912 रुपये प्रति ग्राम थी। अगर आप ऑनलाइन आवेदन करेंगे तो आपको प्रति ग्राम पर 50 रुपये की छूट मिलेगी। इसका मतलब यह हुआ कि आप एक ग्राम सोने के लिए 4,612 रुपये खर्च करेंगे।

यहां से कर सकते हैं निवेश
स्वर्ण बॉन्ड बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसएचसीआईएल), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (एनएसई और बीएसई) के माध्यम से बेचा जाएगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना नवंबर 2015 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य सोने की हाजिर मांग को कम करना था और सोने की खरीद के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घरेलू बचत के एक हिस्से को वित्तीय बचत में तब्दील करने के लिए किया गया था।
विज्ञापन

3 of 5
सोना खरीदने के लिए इच्छुक हैं महिलाएं - फोटो : pixabay
गोल्ड म्यूचुअल फंड में भी कर सकते हैं निवेश
कई लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करने से कतराते हैं। आम जनता के बीच यह अवधारणा है कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पैसा डूबता ही है, नुकसान ही होता है। लेकिन अब यह अवधारणा बदल रही है, बाजार में निवेश बढ़ाने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लोगों के पास म्यूचुअल फंड के कई विकल्प हैं जिनमें से गोल्ड म्यूचुअल फंड भी है। निवेश के लिए गोल्ड म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड ऐसे फंड होते हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर सोने में निवेश करते हैं। इसमें आमतौर पर सोने का उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूशन व्यवसाय संघों के स्टॉक में निवेश किया जाता है। फिजिकल गोल्ड और खनन कंपनियों के स्टॉक में भी इन फंड का निवेश होता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड निवेश का बेहतर तरीका है, इसमें आपको फिजिकल गोल्ड खरीदे बिना निवेश का विकल्प मिल जाता है। ये एक तरह से ओपन-एंडेड निवेश है, गोल्ड ईटीएफ की तरफ से उपलब्ध कराई गई यूनिट्स पर आधारित होती हैं।

यह भी पढ़ें: क्या सोना खरीदने का है सही समय? सात माह में करीब 11 हजार रुपये हुआ सस्ता

गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश के कई फायदे हैं-
  • गोल्ड म्यूचुअल फंड में 500 रुपये की राशि से निवेश कर सकते हैं।
  • गोल्ड म्यूचुअल फंड में निकासी के लिए कोई न्यूनतम राशि का प्रावधान नहीं है, जरूरत के हिसाब से राशि निकाल सकते हैं।
  • सेबी के रेगुलटे करने की वजह से गोल्ड म्यूचुअल फंड सुरक्षित रहते हैं।
  • गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन रहता है।
  • बाजार में उतार-चढ़ाव आने के बाद भी अच्छी रिटर्न मिलती है।

4 of 5
सोना खरीदने के लिए इच्छुक हैं महिलाएं - फोटो : pixabay
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड
सोने के खरीदने का एक और विकल्प है, वो है गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ। पेपर गोल्ड में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स) खरीदना है। ईटीएफ में निवेश बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेश्नल स्टॉक एक्सचेंज के जरिए होता है। इसके मूल्य में जो उतार-चढ़ाव होता है, वो सोने की कीमतों पर निर्भर करता है। सोने के सिक्के की तुलना में इसकी लागत कम होती है। हालांकि इसमें निवेश के लिए आपके पास ट्रेडिंग और डीमैट खाता होना चाहिए। 

2020 में गोल्ड ईटीएफ में तेजी से बढ़ा निवेश
साल 2020 में सुरक्षित निवेश के तौर पर स्वर्ण आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेशकों का आकर्षण बढ़ा। इससे गोल्ड ईटीएफ में 6,657 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। जबकि साल 2019 में स्वर्ण ईटीएफ में सिर्फ 16 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ था। हालांकि, 2019 में लगातार छह साल की शुद्ध निकासी के बाद इसमें शुद्ध खरीदारी हुई थी। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2020 के अंत तक स्वर्ण कोषों के प्रबंधनाधीन कुल संपत्ति साल भर पहले के 5,768 करोड़ रुपये की तुलना में दो गुना से अधिक बढ़कर 14,174 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। 2020 में सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश तथा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले साधनों में से एक बनकर उभरा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सोना खरीदने के लिए इच्छुक हैं महिलाएं - फोटो : pixabay
फिजिकल गोल्ड
फिजिकल गोल्ड यानी वो सोना जिसे आप छू सकते हैं। इसमें आप सोने के जेवर, सिक्के या बार खरीद सकते हैं। सोने के सिक्के या बार आप सुने की दुकान के अलावा बैंक से भी खरीद सकते हैं। मालूम हो कि सोने के आभूषणों पर 20 से 22 पीसदी मेकिंग चार्ज लगता है। यानी एक लाख का सोना खरीदने पर आपको बनाई के तौर पर 20 हजार रुपये और देने होंगे। वहीं सिक्के और बार खरीदने पर मेकिंग चार्ज दो से चार फीसदी तक होता है।

आयात शुल्क में कटौती
मालूम हो कि सरकार ने एक फरवरी 2021 को सोने और चांदी पर आयात शुल्क में कटौती की घोषणा की। इस कदम से घरेलू बाजार में इन मूल्यवान धातुओं की कीमतों को नीचे लाने में मदद मिलेगी तथा रत्न एवं आभूषण निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 का बजट पेश करते हुए कहा कि, 'वर्तमान में सोना और चांदी पर 12.5 फीसदी सीमा शुल्क लगाया जाता है। चूंकि, जुलाई 2019 में शुल्क 10 फीसदी से बढ़ा दिया गया था, इसलिए कीमती धातुओं के मूल्य में तेजी से वृद्धि हुई, इसे पिछले स्तर के करीब लाने के लिए हम सोना और चांदी पर सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बना रहे हैं।' 

इतना हुआ शुल्क
सोना और चांदी पर सीमा शुल्क कम कर 7.5 फीसदी किया गया है। इसके अलावा सोने की मिश्र धातु (गोल्ड डोर बार) पर शुल्क 11.85 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी और चांदी की मिश्र धातु (सिल्वर डोर बार) पर 11 फीसदी से कम कर 6.1 फीसदी किया गया है। प्लैटिनम पर शुल्क 12.5 फीसदी से कम कर 10 फीसदी, सोना व चांदी के फाइंडिंग्स पर 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी और मूल्यवान धातु के सिक्कों पर 12.5 फीसदी से कम कर 10 फीसदी किया गया है। हालांकि, सोना और चांदी, सोने के मिश्र धातु, चांदी के मिश्र धातु पर 2.5 फीसदी कृषि बुनियादी ढांचा और विकास उपकर लगेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें