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आईटीआर फाइल करने में बचा डेढ़ महीने का समय, बेहद जरूरी हैं यह 6 दस्तावेज, नहीं तो होगी परेशानी

Sat, 16 Jun 2018 02:20 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। अब इसको फाइल करने के लिए आपके पास केवल डेढ़ महीने का समय बचा है। इस बार देरी से रिटर्न फाइल करने की गलती न करें, क्योंकि ऐसा करने पर आपको जुर्माना देना होगा। रिटर्न फाइल करने की अब तैयारी शुरू लीजिए। इसके लिए आपको 10 ऐसे दस्तावेज हैं, जिनका होना बहुत जरूरी है। बिना इनके आप अपना रिटर्न फाइल नहीं फाइल कर सकेंगे। हम आपको इन्हीं के बारे में आज बता रहे हैं। 
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सैलरी स्लिप

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सैलरी स्लिप के जरिए आपको जितने भी भत्ते मिले हैं, उनकी टैक्स गणना होती है। इसमें एचआरए और ट्रांसपोर्ट भत्ता अहम है, क्योंकि इन पर टैक्स देना जरूरी होता है। आप साल भर में मिले भत्तों को मिलाकर के टैक्स की गणना कर सकते हैं। वहीं अगर आप किराये के घर में रहते हैं तो एचआरए में से उसको घटा सकते हैं। 
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आधार कार्ड

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आधार नंबर के बिना आप अपना रिटर्न फाइल नहीं कर सकेंगे। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139एए के अनुसार, प्रत्येक करदाता को यह जानकारी देना जरूरी है। अगर आधार नंबर नहीं है तो फिर इनरोलमेंट आईडी के जरिए ऐसा कर सकेंगे। 

सबसे जरूरी होता है फॉर्म 16, 16ए

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फॉर्म 16,16ए में आपकी आमदनी और टैक्स काटने के बारे में पूरी जानकारी होती है। इन फॉर्म से यह भी पता चलता है कि आपकी कंपनी ने सरकार को टैक्स अदा किया है या नहीं। फॉर्म में आपको मिलने वाली बेसिक सैलरी, एचआरए, डीए, निवेश आदि की जानकारी होती है। फॉर्म के आखिर में कंपनी की तरफ से इसको जारी करने वाले व्यक्ति के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। अगर यह वैरिफाइड होगा तो चेक मार्क लगा होगा। वैरिफाइ नहीं होने की दशा में इस पर क्वेशन मार्क लगा होगा।

आप अपने फॉर्म 16,16ए में अपना नाम, पैन नंबर, कंपनी का टैन नंबर, सैलरी से हुई आमदनी और टीडीएस राशि को भी अच्छे से चेक कर लें। किसी भी तरह की गलत जानकारी होने पर टैक्स रिटर्न फाइल नहीं हो पाएगा।
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फॉर्म 26एएस

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फॉर्म 26एएस, फॉर्म 16,16ए में दी गई डिटेल्स को पुष्टि करता है। यह टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट होता है। टैक्स क्रेडिट डिटेल्स में किसी भी प्रकार की गलती होने पर आप कंपनी को इसकी जानकारी देकर के नया टीडीएस सर्टिफिकेट ले सकते हैं। रिटर्न फाइल करने से पहले करदाताओं को दोनों का मिलान करना जरूरी है। थोड़ा सा मिलान गलत होने पर आप रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे।
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बैंक की तरफ से मिलने वाला ब्याज विवरण

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बचत खाते, डाकघर बचत खाता, फिक्स डिपॉजिट और सावर्ती जमा खाते पर जो ब्याज मिलता है उस पर केवल 10 हजार रुपये तक की छूट मिलती है। इससे ऊपर की राशि पर टैक्स लगता है। इसके लिए आपको अपने सभी खातों की पासबुक या फिर बैंक या फिर डाकघर की तरफ से मिलने वाले सर्टिफिकेट की कॉपी को लगाना होगा। 
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1.5 लाख तक की इनमें मिलेगी छूट

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इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी, 80सीसीसी और 80 सीसीडी(1) के तहत आपको 1.5 लाख रुपये की छूट मिल सकती है। 80सी के तहत अगर आपने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), पीपीएफ, म्यूचुअल फंड में ईएलएसएस स्कीम, बीमा और एनपीएस में किए निवेश को दिखा सकते हैं। 
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