फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस तरह घर पर भी बना सकते हैं सोना, हो जाएंगे मालामाल

Thu, 18 Apr 2019 11:06 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
भारत को एक जमाने में सोने की चिड़िया कहा जाता था। भारतीय महिलाओं को सदियों से सोने के गहनों का शौक रहा है। सोने की बढ़ती डिमांड की वजह से उसका दाम भी उतना ही ज्यादा हो गया है। इसलिए बहुत लोग सोना खरीदने का सपना तो देखते हैं लेकिन उसे खरीद नहीं पाते। ऐसे हम आपको सोने में निवेश के कुछ विकल्प बताने जा रहे हैं। 

ई-कॉमर्स वेबसाइट से खरीदें सोने के सिक्के

सोना आप सिर्फ जूलर से ही नहीं, बल्कि बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और ई-कॉमर्स वेबसाइटों से भी खरीद सकते हैं। भारत सरकार की ओर से भी खास सोने के सिक्के लांच किए जाते हैं, जिनके एक तरफ अशोक चक्र और दूसरी तरफ महात्मा गांधी की तस्वीर है। ये सिक्के 5 ग्राम और 10 ग्राम में उपलब्ध होते हैं। बता दें कि भारत में सोने के सिक्के 24 कैरेट में आते हैं, जिनकी बीआईएस स्टैंडर्ड के अनुसार हॉलमार्किंग होती है। 
 
विज्ञापन

2 of 4
- फोटो : pexels.com

गोल्ड सेविंग स्कीम 

आप सोने की बचत स्कीम में निवेश कर सकते हैं। ये बचत स्कीम दो तरीके की होती हैं, जो आपको प्रति माह एक निश्चित अवधि के लिए तय रकम जमा करने की अनुमति देती है और अवधि खत्म होने पर आप जमा किए गए मूल्य के बराबर सोना खरीद सकते हैं। इतना ही नहीं, इन स्कीम में निवेश कर आपको बोनस रकम भी मिलती है। 

 

विज्ञापन

3 of 4
- फोटो : अमर उजाला

गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड

सोने के खरीदने का एक और विकल्प है, वो है गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ। ईटीएफ में निवेश बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेश्नल स्टॉक एक्सचेंज के जरिए होता है। इसके मूल्य में जो उतार-चढ़ाव होता है, वो सोने की कीमतों पर निर्भर करता है। सोने के सिक्के की तुलना में इसकी लागत कम होती है। हालांकि इसमें निवेश के लिए आपके पास ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खाता होना चाहिए।

विज्ञापन

4 of 4

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 

इन सबके अतिरिक्त आपके पास पेपर गोल्ड खरीदने का भी एक विकल्प मौजूद है, जिन्हें सरकार जारी करती है। पेपर गोल्ड को आप एक अवधि के दौरान किसी भी समय खरीद सकते हैं। सरकार इन्हें खरीदने के लिए थोड़े-थोड़े समय पर विंडो खोलती है, जिसकी अवधि अक्सर दो से तीन महीने की होती है।



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें