अधिसूचना के मुताबिक, वित्त वर्ष में 2.5 लाख या ज्यादा का वित्तीय लेन देने करने वालों के लिए पैन कार्ड आवेदन करना अनिवार्य है। इसके अलावा घरेलू कंपनियों के लिए भी पैन रखना जरूरी हो गया है, भले ही उनकी कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल रसीदें वित्त वर्ष में पांच लाख रुपये से कम हों। इससे आयकर विभाग को वित्तीय लेनदेन, कर आधार और टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी।