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केंद्र सरकार ने एक साल में पैन कार्ड के नियमों में किए ये बदलाव, आप पर पड़ेगा सीधा असर

Tue, 14 May 2019 03:47 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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पैन कार्ड (Pan Card) एक विशिष्ट पहचान कार्ड है जिसे स्थायी खाता संख्या (Permanent Account Number) भी कहा जाता है। पैन कार्ड किसी भी बैंक में खाता खोलने, राशि निकालने या जमा करने, या आयकर देने वालों की पहचान के लिए महत्वपूर्ण कार्य करता है। इसके साथ ही किसी भी वित्तीय दस्तावेजों या लेनदेन के साथ पैन कार्ड की जानकारी डालना आवशयक है। हाल ही में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पैन कार्ड के नियमों में कुछ बदलाव किए थे। आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में।
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खत्म हुई पिता के नाम की अनिवार्यता

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आयकर विभाग ने पैन कार्ड आवेदन में पिता का नाम लिखने की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। मसौदा अधिसूचना के मुताबिक, अगर किसी आवेदक की मां अपने पति से अलग रहती हैं तो वह सिर्फ माता का नाम भी लिख सकता है। इससे पहले पैन आवेदन के फार्म-49ए और 49एए में पिता का नाम लिखना अनिवार्य था। हालांकि, पैन कार्ड पर माता या पिता में किसी एक का नाम दर्ज कराने का विकल्प दिया गया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मुताबिक, पैन आवेदन फार्म में संशोधन को लेकर आयकर विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, मां के एकल अभिभावक होने और पिता का नाम जाहिर नहीं करने की स्थिति में माता का नाम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
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ट्रांसजेंडर की बेहतर सुविधाओं के लिए हुआ था ये बदलाव

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आयकर विभाग ने आयकर रिटर्न फॉर्म में अब ट्रांसजेंडर का भी विकल्प दिया है। ट्रांसजेंडर को सामाजिक पहचान देने के लिए पुडुचेरी प्रशासन ने यह पहल शुरू की थी। पहले इन्हें फॉर्म में खुद को महिला या पुरुष बताना पड़ता था। लेकिन अब इनके लिए तीसरा विकल्प दिया गया है। बता दें कि आधार में थर्ड जेंडर का विकल्प पहले ही दिया गया है जबकि पैन कार्ड में यह विकल्प नहीं था। ऐसे में पैन कार्ड में महिला या पुरुष बताने में परेशानी हो रही थी। इससे आधार और पैन आपस में लिंक भी नहीं हो पा रहे थे।

घरेलू कंपनियों के लिए पैन हुआ जरूरी

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अधिसूचना के मुताबिक, वित्त वर्ष में 2.5 लाख या ज्यादा का वित्तीय लेन देने करने वालों के लिए पैन कार्ड आवेदन करना अनिवार्य है। इसके अलावा घरेलू कंपनियों के लिए भी पैन रखना जरूरी हो गया है, भले ही उनकी कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल रसीदें वित्त वर्ष में पांच लाख रुपये से कम हों। इससे आयकर विभाग को वित्तीय लेनदेन, कर आधार और टैक्स चोरी रोकने में मदद मिलेगी। 
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जल्द सिर्फ चार घंटे में मिल सकता है पैन नंबर

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पैन कार्ड
सीबीडीटी जल्दी ही चार घंटे के भीतर ई-पैन देने की शुरुआत करेगा। इस संदर्भ में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा था कि हम एक नई प्रणाली सामने ला रहे हैं। एक साल या कुछ समय बाद हम चार घंटे में पैन देना शुरू कर देंगे। आपको आधार पहचान देनी होगी और आपको चार घंटे में ही ई-पैन मिल जाएगा।

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