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त्योहारों से पहले मोदी सरकार बेच रही है इतना सस्ता सोना, फटाफट उठाएं लाभ

Mon, 21 Oct 2019 12:11 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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धनतेरस और दिवाली से पहले घरेलू बाजार में लगातार चढ़ती सोने की कीमतों के बीच सरकार ने सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका दिया है। निवेशक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) योजना के तहत बाजार मूल्य से काफी सस्ता सोना खरीद सकते हैं और आज इसका पहला दिन है। इसकी बिक्री पर होने वाले लाभ पर आयकर नियमों के तहत छूट मिलेगी। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में।
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ये है निवेश की अवधि

योजना के तहत निवेश करने की अवधि आज यानी 21 अक्तूबर से शुरू हो गई है। इस योजना का लाभ आप 25 अक्तूबर तक उठा सकते है। सरकार की ओर से योजना में निवेश के लिए पांच दिन तक का समय दिया गया था। बीते दिनों सोने का दाम अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, लेकिन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत आप सस्ते में सोना खरीद सकते हैं। अगली स्लाइड में जानते हैं सोने की कीमत। 
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ये है सोने की कीमत 

योजना के तहत आप 3,835 रुपये प्रति ग्राम पर सोना खरीद सकते हैं। यानी अगर आप 10 ग्राम सोने खरीदते है तो उसकी कीमत 38,350 रुपये बैठती है और गोल्ड बॉन्ड की खरीद ऑनलाइन तरीके से की जाती है तो सरकार ऐसे निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की अतिरिक्त छूट देती है। 

होगा इतना फायदा

यानी ऑनलाइन सोना खरीदने पर निवेशकों को प्रति ग्राम सोना 3,785 रुपये का पड़ेगा। ऐसे में आपको 37,850 रुपये में 10 ग्राम सोना मिल जाएगा। जबकि सर्राफा बाजार में सोने की कीमत करीब 39000 रुपये प्रति दस ग्राम है। अगली स्लाइड में जानते हैं आप इसके खरीदारी कहां से कर सकते हैं और कैसे आपको आयकर छूट मेलिगी। 

यह भी पढ़ें: कर्ज लेने का सबसे शानदार मौका, 18 सरकारी बैंकों ने आज से शुरू किया 'लोन मेला'

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गोल्ड बॉन्ड आप बैंकों, डाकघरों, एनएसई और बीएसई के अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए भी खरीद सकते हैं। आइए जानते हैं इसके तहत आपको आयकर छूट कैसे मिलेगी। 

इस तरह मिलेगी आयकर छूट

गोल्ड बॉन्ड की परिपक्वता अवधि आठ साल की होती है और इस पर सालाना 2.5 फीसदी का ब्याज मिलता है। बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुरूप कर योग्य होता है, लेकिन इस पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) नहीं होती है। अगर बॉन्ड को तीन साल बाद और आठ साल की परिपक्वता अवधि के पहले बेचा जाता है तो इस पर 20 फीसदी की दर से लांग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स लगेगा, लेकिन परिपक्वता अवधि के बाद बेचने पर मिलने वाला ब्याज करमुक्त रहेगा।
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लगातार बढ़ रही है सोने की कीमत

हालांकि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीस के निवेशकों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीदने की ही अनुमति है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। सरकार ने बजट में सोने पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है। साथ ही वैश्विक स्तर पर बढ़ी लिवाली से सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 
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