अपनों के नाम पर खरीद सकते हैं एफडी
दिवाली के मोके पर परिजनों के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट ( FD ) खरीदना भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। देश में बैंक मुख्य रूप से दो तरह के डिपॉजिट खाते ऑफर करते हैं। करंट या सेविंग खाता डिमांड डिपॉजिट्स कहलाते हैं जबकि फिक्स्ड या रेकरिंग डिपॉजिट्स को टर्म डिपॉजिट्स कहा जाता है। सेविंग अकाउंट बार-बार की जरूरतों के लिए खुलवाया जाता है तो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी के तहत जमा धन को एक निश्चित समय तक छोड़ना पड़ता है। इस अवधि में बैंक जमा रकम पर ब्याज देता है।
बाजार में निवेश के तमाम आधुनिक विकल्प मौजूद होने के बावजूद आज भी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करना सबसे आसान और सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। इसमें निवेशक को तय अंतराल पर निश्चित रिटर्न मिलना तय होता है, साथ ही बाजार के उतार-चढ़ाव का भी इस पर कोई असर नहीं पड़ता।
फिक्स्ड डिपॉजिट करवाने के फायदे
किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में एफडी कराने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें किसी तरह का रिस्क नहीं रहता। एफडी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर भी सामान्य से ज्यादा होती है।
इसके अलावा एफडी की समय अवधि समाप्त होने के बाद निवेशक को पूरी राशि ब्याज सहित वापस मिल जाती है। बैंकों की एफडी की दर समय दर समय बदलती रहती है। आमतौर पर सभी बैंक एफडी पर 8-12 फीसदी तक निश्चिच रिटर्न देते हैं। अगर आप अपने परिजनों के नाम पर एफडी लेते हैं, तो ये तोहफा उन्हें काफी पसंद आएगा।