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निवेश के मंत्र 24: कॉर्पोरेट FD के बारे में जानते ही अन्य निवेश विकल्पों को जाएंगे भूल

Sat, 16 May 2020 02:05 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कॉर्पोरेट FD - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा
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महंगाई के इस दौर में बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, हर कोई पैसों को लेकर परेशान रहता है। ऐसे में लोग अपना पैसा बैंक में जमा कर उस पर मिल रहे रिटर्न का फायदा उठाते हैं। एफडी के जरिए लोगों का पैसा सुरक्षित भी रहता है और उन्हें रिटर्न भी मिलता है। लेकिन अगर आप बैंक डिपॉजिट से भी ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं तो कॉर्पोरेट एफडी यानी कंपनियों द्वारा जारी फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश आपके लिए अच्छा माध्यम साबित हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
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सांकेतिक तस्वीर
यदि आप कम अवधि की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर अधिक ब्याज पाना चाहते हैं, तो कॉर्पोरेट एफडी योजना में निवेश एक बेहतर विकल्प हो सकता है। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले कंपनी डिपॉजिट में पैसा जमा करना आपके लिए लाभदायक होगा। अगली स्लाइड में जानते हैं ये काम कैसे करता है। 
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बता दें कि डिपॉजिट के जरिए पैसे जुटाकर कंपनियां अपना कारोबार बढ़ाती हैं। कंपनियों के लिए ये एक तरह का अनसिक्योर्ड लोन होता है। यानी डिफॉल्ट की स्थिति में निवेशकों को कोई गारंटी नहीं मिलती हैं। इन स्कीम में बैंकों के मुकाबले जोखिम थोड़ा ज्यादा है, लेकिन इस समय बाजार में चारों तरफ जोखिम ही जोखिम है। इसलिए इस जोखिम में भी अगर ज्यादा रिटर्न मिल रहा है तो घाटे का सौदा नहीं है। ज्यादा ब्याज से ये ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल हो जाता है। ये उन लोगों के लिए है जिन्हें नियमित आय चाहिए। 

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कॉर्पोरेट कंपनियां अपनी एफडी स्कीम पर बैंकों के मुकाबले तीन से 3.5 फीसदी ज्यादा रिटर्न देती हैं। बाजार में कई ऐसी कॉर्पोरेट एफडी स्कीम हैं जहां ब्याज सात से नौ फीसदी तक मिल रहा है। हालांकि इन कॉर्पोरेट एफडी योजनाओं में कंपनियों की रेटिंग देखकर निवेश करना चाहिए। निवेशकों को इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि जिस कंपनी की जितनी अच्छी रेटिंग होगी, जोखिम भी उतना ही कम होगा।
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कई रेटिंग एजेंसियां कंपनियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर रेटिंग देती है। इन कंपनियों में से क्रिसिल की रेटिंग को काफी अहमियत दी जाती है। कई बार कम रेटिंग वाली कंपनी ज्यादा ब्याज ऑफर करती है, लेकिन ऐसी कंपनी में जोखिम बहुत ज्यादा होता है। इसलिए निवेशकों को हमेशा अच्छी रेटिंग वाली कंपनियों में ही निवेश करना चाहिए।
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