केंद्र सरकार ने देश में पुरानी पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम के बीच मचे घमासान के बीच नई पेंशन स्कीम को हटाते हुए इसकी जगह पर एकीकृत पेंशन योजना लॉन्च की है। यूपीएस लॉन्च होने पर सवाल उठता है कि आखिरी नई पेंशन स्कीम क्या थी और ये पुरानी पेंशन स्कीम से कितना अलग था। इसमें क्या दिक्कतें थी जिसकी वजह से इसका विरोध किया जा रहा था। आइए विस्तार से समझते हैं...
केंद्र सरकार ने देश में पुरानी पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम के बीच मचे घमासान के बीच नई पेंशन स्कीम को हटाते हुए इसकी जगह पर एकीकृत पेंशन योजना लॉन्च की है। यूपीएस लॉन्च होने पर सवाल उठता है कि आखिरी नई पेंशन स्कीम क्या थी और ये पुरानी पेंशन स्कीम से कितना अलग था। इसमें क्या दिक्कतें थी जिसकी वजह से इसका विरोध किया जा रहा था। आइए विस्तार से समझते हैं...
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क्या है एनपीएस और ओपीएस?
- फोटो : istock
क्या है नई पेंशन योजना?
दरअसल, सरकार ने नई पेंशन योजना को साल 2004 में शुरू किया था। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को निवेश की मंजूरी मिलती है, जिसके तहत वो अपने पूरे करियर में पेंशन खाते में नियमित तौर पर योगदान करके अपने पैसे के निवेश को अनुमति दे सकते हैं। यही नहीं, एनपीएस में जब कर्मचारी का रिटायरमेंट हो जाता है, तो इसके बाद उसे पेंशन राशि का एक हिस्सा एकमुश्त निकालने की छूट मिलती है। वहीं, बाकी रकम के लिए एन्युटी प्लान खरीद सकते हैं।
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क्या है एनपीएस और ओपीएस?
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क्या है एन्युटी?
एन्युटी एक तरह का इंश्योरेंस प्रोडक्ट है, जिसमें एकमुश्त निवेश करना होता है और आप इसे हर महीने, 3 महीने में या साल भर में निकाल सकते हैं। रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु होने तक उसे नियमित आमदनी मिलती है। जबकि, अगर उसकी मृत्यु हो जाए, तो पूरा पैसा नॉमिनी को मिल जाता है।
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क्या है एनपीएस और ओपीएस?
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ओल्ड पेंशन योजना क्या है?
बात अगर ओल्ड पेंशन योजना की करें, तो इसमें कर्मचारी के आखिरी वेतन का 50 फीसदी पेंशन होती थी। वहीं, इसकी पूरी राशि का भुगतान सरकार की तरफ से किया जाता था। हालांकि, दिवंगत अटली बिहारी वाजपेयी ने दिसंबर 2003 में इस ओल्ड पेंशन योजना को खत्म कर दिया था। वहीं, अब लोग इसी पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने के लिए आंदोलन तक कर रहे हैं।
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क्या थी NPS, जानें OPS से कितनी अलग
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एनपीएस और ओपीएस में क्या है अंतर?
जहां नई पेंशन योजना में कर्मचारी के वेतन से 10 प्रतिशत यानी बेसिक और डीए की कटोती होती है, तो वहीं ओल्ड पेंशन योजना में पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती
एनपीएस में जनरल प्रोविडेंट फंड की सुविधा नहीं जोड़ी गई है, जबकि पुरानी पेंशन योजना में जनरल प्रोविडेंट फंड की सुविधा है
नई पेंशन योजना में 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता लागू नहीं होता, जबकि पुरानी पेंशन योजना में ये लागू होता है
जहां एक तरफ एनपीएस में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के आधार पर जो पैसा मिलेगा, उस पर टैक्स देना पड़ेगा। वहीं, दूसरी तरफ पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट पर जीपीएफ के ब्याज पर किसी तरह का कोई इनकम टैक्स नहीं लगता।
देश में काफी समय से पुरानी पेंशन स्कीम को फिर से बहाल करने को लेकर लोग आंदोलन तक कर रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि पुरानी योजना के मुकाबले नई पेंशन योजना में कर्मचारियों को काफी कम फायदे मिलते हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। इस बवाल के बीच केंद्र सरकार ने यूपीएस यानी एकीकृत पेंशन योजना लॉन्च की है। जानकारी के मुताबिक ये योजना एक अप्रैल 2025 से देशभर में लागू होगी।