पेट्रोल-डीजल की कीमत
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वैश्विक बाजारों में आई तेजी से कीमत प्रभावित हुई है। इसके साथ ही राज्यस्तरीय करों को मिला कर ईंधन की खुदरा कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। राजस्थान में पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट की दरें सबसे अधिक है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिसका सीधा असर खुदरा ईंधन की बिक्री पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 60 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यही कारण है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल का भाव महंगा हो गया है।
एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल
कोरोना काल में भी चीनी अर्थव्यवस्था आश्चर्यजनक ढंग से विकास कर रही है, जिसकी वजह से वहां जनवरी में कच्चे तेल का आयात हर प्रतिदिन 111.2 लाख की दर से बढ़ा है। यह आंकड़ा दिसंबर की तुलना में 18 फीसदी ज्यादा है। जिस ढंग से इस समय पड़ोसी देश कच्चे तेल का आयात बढ़ा रहा है, इसमें और बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसकी वजह से सोमवार को कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के संकेत मिले। सोमवार को कच्चे तेल की कीमत साल भर के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 63.74 डॉलर प्रति बैरल तक गई, जो 23 जनवरी 2020 से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
आगे जानते हैं कि तेल की कैसे तय होती है और आप अपने शहर में का दाम कैसे देख सकते हैं।