न्यू इंडिया सहकारी बैंक के पूर्व महाप्रबंधक (जीएम) हितेश मेहता
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क्या है मामला?
मुंबई पुलिस ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक, लेखा प्रमुख और उनके सहयोगियों के खिलाफ 122 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज किया था। मामले को आगे की जांच के लिए शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दिया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया था, 'बैंक के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवर्षि घोष ने 14 फरवरी को मध्य मुंबई के दादर पुलिस थाने में जाकर पैसे के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई।' शिकायत के अनुसार उन्होंने बताया, 'बैंक के महाप्रबंधक और लेखा प्रमुख हितेश मेहता ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रची। बैंक के प्रभादेवी और गोरेगांव कार्यालयों की तिजोरियों में रखे धन से 122 करोड़ रुपये का गबन किया।'
आरबीआई से मिली राहत
इस बीच आरबीआई ने न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक पर कई प्रतिबंध लगाने के कुछ दिनों बाद सोमवार को शर्तों में ढील दी थी। इसके तहत बैंक के जमाकर्ता 27 फरवरी से अपने जमा खातों से 25,000 रुपये तक निकाल सकेंगे। रबीआई ने सहकारी बैंक पर निगरानी संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए कई प्रतिबंध लगाए थे। केंद्रीय बैंक ने एक साल के लिए बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था और कामकाज के प्रबंधन के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक श्रीकांत को प्रशासक नियुक्त किया। इस छूट के साथ कुल जमाकर्ताओं में 50 प्रतिशत से अधिक अपनी पूरी शेष राशि निकाल सकेंगे।