सबसे सस्ती एसी ट्रेन
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एसी 3 टियर के यात्रियों की संख्या पांच वर्षों में दोगुने से अधिक हुई
पिछले पांच वर्षों में, एसी थ्री टियर यात्रियों की संख्या 2019-20 में 11 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 26 करोड़ तक पहुंच गई है, यानी में 19% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) देखी गई। इसी दौरान, इस श्रेणी का किराया भी (डायनमिक प्राइसिंग के कारण) बढ़ा है, लेकिन यह एसी के अन्य श्रेणियों की तुलना में काफी कम है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, एसी थ्री टियर का औसत किराया 2019-20 में 1,090 रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 1,171 रुपये हो गया, यानी इसमें 7.4% वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, एसी फर्स्ट क्लास के किराये में 25.38%, एसी चेयर कार में 23.24% और एसी 2 टियर में 18.22% की बढ़ोतरी हुई। एसी 2 टियर का किराया 2019-20 में 1,267 रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 1,498 रुपये हो गया। स्लीपर क्लास के किराये में 10.64% की वृद्धि दर्ज की गई।
स्लीपर क्लास से आने वाले राजस्व में आई कमी
महामारी-पूर्व वर्ष 2019-20 में, रेलवे का सबसे अधिक यात्री राजस्व स्लीपर क्लास से आता था। उस समय, स्लीपर क्लास से 13,641 करोड़ रुपये (कुल यात्री राजस्व का 27%) प्राप्त हुए थे। लेकिन 2024-25 में, यह घटकर 15,603 करोड़ रुपये (19.5%) रह गया है। इस दौरान स्लीपर क्लास से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 37 करोड़ से बढ़कर 38 करोड़ हो गई है।