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जानें क्या है बिटक्वाइन, जिसकी मांग कर रहा था दिग्गजों का ट्विटर अकाउंट हैक करने वाला

Thu, 16 Jul 2020 11:14 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बिटक्वाइन - फोटो : pixabay
बुधवार को दुनिया के कई दिग्गजों के ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया गया। इसके बाद कई घंटों तक ट्विटर ने ब्लू टिक वाले सभी अकाउंट को बंद कर दिया था। अकाउंट हैक करने के बाद सभी अकाउंट्स से ट्वीट कर बिटक्वाइन के रूप में पैसा मांगा जा रहा था। 

आइए जानते है आखिर क्या है बिटक्वाइन और भारत में इसका नियम।
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बिटक्वाइन - फोटो : pixabay
जानें किसका अकाउंट हुआ हैक 
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स सहित कई दिग्गजों के ट्विटर अकाउंट को एक साथ हैक कर लिया गया। हर किसी के अकाउंट से एक ही ट्वीट किया गया। आप बिटक्वाइन के जरिए पैसा भेजिए और हम आपको दोगुना पैसा देंगे। इसके अलावा लिखा गया कि अब वक्त आ गया है कि हमने समाज से जो कमाया है, उसे वापस लौटाएं। इन ट्वीट के साथ बिटकॉइन के जरिए पैसा देने की बात कही गई।

हैकर्स ने की बिटक्वाइन की मांग
उदाहरण के तौर पर बिल गेट्स के ट्विटर अकाउंट पर लिखा गया कि हर कोई मुझसे कह रहा है कि ये समाज को वापस देने का समय है, तो मैं कहना चाहता हूं कि अगले तीस मिनट में मुझे जो पेमेंट भेजी जाएगी मैं उसका दोगुना लौटाऊंगा। आप 1000 डॉलर का बिटक्वाइन भेजिए, मैं 2000 डॉलर वापस भेजूंगा।

आइए जानते हैं आखिर क्या है बिटकॉइन?
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बिटक्वाइन - फोटो : pixabay
क्या है बिटक्वाइन ?
बिटक्वाइन एक क्रिप्टोकरेंसी है। क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी करेंसी है जिसे आप देख नहीं सकते। आसान शब्दों में आप इसे डिजिटल रुपया कह सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में ही होता है। इसको कोई बैंक या सरकार कंट्रोल नहीं करती है। भारत में रिजर्व बैंक ने इसे मान्यता नहीं दी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन की इजाजत दे दी है। 

आगे जानते हैं भारत में क्रिप्टोकरेंसी का इतिहास।

यह भी पढ़ें: आयकर विभाग ने दी छूट, 30 सितंबर तक निपटा लें टैक्स से जुड़ा ये काम, बाद में होगा नुकसान

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Cryptocurrency - फोटो : The Merkle Hash
भारत में क्रिप्टोकरेंसी खरीदने-बेचने पर थी 10 साल की जेल
बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2019 (Banning of Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2019) के ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव दिया गया था कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री करने वालों को 10 साल की जेल की सजा मिलेगी। ड्राफ्ट के मुताबिक इसकी जद में वे सभी लोग आएंगे जो क्रिप्टोकरेंसी तैयार करेगा, उसे बेचेगा, क्रिप्टोकरेंगी रखेगा, किसी को भेजेगा या क्रिप्टोकरेंसी में किसी प्रकार की डील करेगा। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने वालों को 10 साल तक की जेल की सजा मिलती थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने यह प्रतिबंध हटा दिया है। 
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Bitcoin
पूरे विश्व में है कई तरह की वर्चुअल करेंसी
6 अप्रैल 2018 को भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्चुअल करेंसी में ट्रेड पर बैन लगाया था। मौजूदा समय में पूरे विश्व में कई तरह की वर्चुअल करेंसी हैं। इनमें से बिटक्वाइन का मूल्य सबसे अधिक है। मंगलवार को बिटक्वाइन की कीमत 0.39 फीसदी टूटकर 8815 डॉलर पर पहुंच गई थी। इसका मार्केट कैप 161 अरब डॉलर है।
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