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जरूरत की खबर: ट्रेन टिकट बुक करते समय न भूलें यह छोटा सा काम, मिलता है जबरदस्त फायदा

Thu, 28 Oct 2021 05:03 PM IST
सोनू शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
ट्रेन में सफर करना जितना आसान और सुविधाजनक है, उतना ही यह फायदेमंद भी है। रेलवे अपने यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं देता है, जिसमें से एक इंश्योरेंस भी है। आमतौर पर जब लोग किसी कंपनी का इंश्योरेंस लेते हैं तो उसके लिए भारी-भरकम प्रीमियम भरते हैं, लेकिन रेलवे की इंश्योरेंस सुविधा बेहद ही सस्ती है। जब भी आप ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते हैं तो आपने ध्यान दिया होगा कि नीचे 49 पैसे के एक ऑप्शन पर भी क्लिक करने के लिए कहा जाता है। अक्सर लोग उस ऑप्शन पर क्लिक तो कर देते हैं, लेकिन उसके बारे में जानते नहीं कि आखिर वो पैसे किस वजह से कट रहे हैं, उसका क्या फायदा होगा। दरअसल, इस मामूली से पैसे से रेलवे यात्रियों को लाखों रुपये का ट्रेवल इंश्योरेंस देता है, जिसमें यात्रा के दौरान चोरी से लेकर ट्रेन एक्सीडेंट तक, सब शामिल होता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आपको जानकर हैरानी होगी कि महज 49 पैसे के इस छोटे से अमाउंट में रेलवे की ओर से 10 लाख रुपये तक का ट्रेवल इंश्योरेंस मिलता है। अगर सफर के दौरान कोई दुर्घटना हो जाती है तो इंश्योरेंस का फायदा यात्री या उसके परिवार को मिलता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आईआरसीटीसी के मुताबिक, 10 लाख रुपये के ट्रेवल इंश्योरेंस का फायदा सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलता है, जिनकी टिकट कंफर्म या आरएसी (RAC) होती है। अगर आपकी टिकट वेटिंग लिस्ट में है तो ट्रेवल इंश्योरेंस का फायदा नहीं उठा सकते हैं। इसके अलावा पांच साल से कम उम्र के बच्चों को इसका फायदा नहीं मिलता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दरअसल, जब टिकट बुक हो जाता है तो यात्रियों के मोबाइल नंबर पर एसएमएस या ईमेल या दोनों के माध्यम से नॉमिनी डिटेल भरने के लिए एक लिंक आता है। उस लिंक पर क्लिक करके यात्रियों को नॉमिनी की जानकारी भरनी होती है और सबमिट करना होता है। तभी ट्रेवल इंश्योरेंस का फायदा नॉमिनी को मिल पाता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अब बात करते हैं कि ट्रेवल इंश्योरेंस का क्लेम किस हिसाब से मिलता है? तो दरअसल, इसे पांच वर्गों में बांटा गया है। अगर ट्रेन दुर्घटना में यात्री की मौत हो जाती है या स्थाई विकलांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये, आंशिक विकलांगता की स्थिति में 7.50 लाख रुपये का क्लेम मिलता है। वहीं, घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर दो लाख रुपये का क्लेम मिलता है। इसके अलावा चोरी, डकैती के तहत भी ट्रेवल इंश्योरेंस की कवरेज मिलती है। 
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