पांच एसोसिएट बैंकों का मर्जर होने के बावजूद भारत का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया दुनिया के बड़े बैंकों में शूमार नहीं होगा। हम आपको बताने जा रहे हैं उन विश्व के सबसे बड़े बैंकों के बारे में, जिनकी असेट वैल्यू हजारों बिलियन डॉलर में है।
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इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना
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इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (आईसीबीसी) की स्थापना 1 जनवरी 1984 को बीजिंग में हुई थी। आईसीबीसी 28 अक्टूबर 2005 को ज्वाइंट स्टॉक लिमिटेड कंपनी में रिस्ट्रकचर हुई और ठीक इसके एक साल बाद शंघाई स्टॉक एक्सचेंज और हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हुआ।
आज यह विश्व का सबसे बड़ा लिस्टेड बैंक भी है। बैंक की ब्रांचेज चीन के अलावा दुनिया के 42 देशों में मौजूद है जिसमें एक ब्रांच मुंबई में भी है। 5320 कारपोरेट और 49.6 करोड़ पर्सनल कस्टमर्स बैंक के पास है।
31 मार्च 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का टोटल असेट वैल्यू 3,545 बिलियन यूएस डॉलर (237.51 लाख करोड़ रुपये) थी।
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चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक
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चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक (सीसीबी) की स्थापना 1 अक्टूबर 1954 को बीजिंग में हुई थी। तब इसको पीपुल्स कंस्ट्रकशन बैंक ऑफ चाइना के नाम से जाना जाता था। चीन की फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा इसको संचालित किया जाता है।
पहले बैंक का काम केवल कंस्ट्रकशन और इन्फ्रास्ट्रकचर से रिलेटेड प्रोजक्ट को फंड देने का था। 1994 में सरकार की तरफ से पूरी तरह से कमर्शियल बैंक बन गया और 1996 में इसका नाम बदलकर के चाइना कंस्ट्रकशन बैंक कर दिया गया।
फिलहाल बैंक की पूरे चीन में 14925 ब्रांच और 10 ओवरसीज ब्रांच हैं। अक्टूबर 2005 और सितंबर 2007 में बैंक हांगकांग व शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हुआ। 31 मार्च 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का टोटल असेट वैल्यू 2965.69 बिलियन यूएस डॉलर (198.6 लाख करोड़ रुपये) थी।
एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना
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असेट के हिसाब से चीन का तीसरा सबसे बड़ा बैंक एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना (एसीबी) विश्व का भी तीसरा सबसे बड़ा बैंक है। इसकी स्थापना फरवरी 1979 में एक कॉपरेटिव बैंक के रुप में हुई थी।
बैंक का 2010 में आया आईपीओ उस समय का सबसे बड़ा आईपीओ था जिसको बाद में अलीबाबा ने तोड़ दिया था। बैंक के पास 32 करोड़ रिटेल कस्टमर्स, 27 लाख कार्पोरेट क्लाइंट्स और 24 हजार ब्रांच हैं। बैंक स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है।
31 मार्च 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का टोटल असेट वैल्यू 2852.55 बिलियन यूएस डॉलर (191 लाख करोड़ रुपये) थी।
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मित्सुबिशी फाइनेंश्यिल ग्रुप
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mitsubushi
जापान के मित्सुबिशी ग्रुप की सहयोगी बैंकिंग कंपनी मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंश्यिल की स्थापना 2005 में हुई थी। बैंक ऑफ टोक्यो-मित्सुबिशी और यूएफजे बैंक को मर्ज करके इस बैंक का गठन किया गया था।
बैंक का हेडक्वार्टर टोक्यो में है। 2008 में बैंक ने मॉर्गन स्टेनली में 20 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी। जापान के अलावा विश्व के 40 देशों में बैंक की शाखाएं हैं। भारत में नई दिल्ली, नीमराना (राजस्थान), मुंबई, चेन्नई और बंगलुरू में इस बैंक की शाखाएं हैं।
31 मार्च 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का टोटल असेट वैल्यू 2654.74 बिलियन यूएस डॉलर (177.8 लाख करोड़ रुपये) है।
बैंक ऑफ चाइना चीन का सबसे पुराना बैंक हैं। इसकी स्थापना शंघाई में 1912 में हुई थी। 1942 तक बैंक ऑफ चाइना सरकार की तरफ से करेंसी नोट भी जारी करता था। अब बैंक चीन को छोड़कर के हांगकांग और मकाऊ में करेंसी नोट जारी करता है।
बैंक की चीन के अलावा विश्व के 27 देशों में ब्रांचेज हैं। 31 मार्च 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का टोटल असेट वैल्यू 2639.77 बिलियन यूएस डॉलर (176.8 लाख करोड़ रुपये) है।