भारत में आज लगभग हर कोई इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करता है। लेकिन सवाल ये है कि नेट बैंकिंग आखिर कितनी सुरक्षित है। नेट बैंकिंग के जरिए होने वाले फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए अब देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ( SBI ) ने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा आरंभ की है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
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एसबीआई ने ग्राहकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अब नेट बैंकिंग को लॉक व अनलॉक करने की सुविधा आरंभ की है। यानी ग्राहकों को जब नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने होगा, तब वे उसे अनलॉक कर सकते हैं और इस्तेमाल के बाद वे अपने नेट बैंकिंग को दोबारा लॉक कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी प्रक्रिया क्या है।
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इंटरनेट बैंकिंग लॉक करने के लिए आपको सबसे पहले एसबीआई की वेबसाइट www.onlinesbi.com पर जाना होगा।
वेबसाइट में आपको 'Lock & Unlock User' के विकल्प पर जाना होगा।
अब आपको इंटरनेट बैंकिंग यूसरनेम, अकाउंट नंबर और कैप्चा कोड जैसी जरूरी जानकारी डालनी होगी। जानकारी डालने के बाद सुविधा को लॉक करने के लिए आपको ड्रॉपडाउन मेन्यू से 'Lock User Access' को चुनना होगा। वहीं अनलॉक करने के लिए आपको 'Unlock User Access' के विकल्प को चुनना होगा। विकल्प का चयन कर आप 'OK' दबाएं।
अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल व ईमेल आईडी पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद आपका इंटरनेट बैंकिंग लॉक व अनलॉक हो जाएगा।
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एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार, बेहतर सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर, ग्राहक अपना आईएनबी एक्सेस लॉक और अनलॉक कर सकते हैं। हालांकि यह सुविधा केवल रिटेल ग्राहकों के लिए ही उपलब्ध है। कॉर्पोरेट ग्राहक इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते।
नेट बैंकिंग लॉक व अनलॉक करते समय आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा। इंटरनेट बैंकिंग को लॉक करने से पहले आप अपना प्रोफाइल पासवर्ड किसी सुरक्षित जगह पर लिख लें। प्रोफाइल पासवर्ड हमेशा लॉग इन पासवर्ड से अलग होता है। अगर आप अपना प्रोफाइल पासवर्ड भूल गए हैं, तो इंटरनेट बैंकिंग को लॉक करने से पहले अपना प्रोफाइल पासवर्ड सेट कर लें।