हमारे देश भारत में हर 12 सालों के अंतराल पर केवल महाकुंभ मेला ही नहीं लगता है, बल्कि एक खास फूल भी खिलता है। केरल के नीलगिरी पहाड़ियों में हर 12 साल के बाद नीलकुरिंजी के फूल खिलते हैं। यह फूल दुनिया के कुछ असाधारण फूलों में से एक हैं। पर्यटकों को इन फूलों की खूबसूरती को देखने के लिए 12 साल का इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, इस मायने में ये साल बेहद खास है, क्योंकि नीलकुरिंजी के फूलों के खिलने से नीलगिरी पहाड़ी जामुनी रंगों से सराबोर हो गई है।
यूं तो केरल के पहाड़ गहरे हरे और नीले हैं, लेकिन नीलकुरिंजी फूलों के खिलने के बाद बैंगनी नजर आने लगते हैं। बता दें कि केरल स्थित मुन्नार को नीलकुरिंजी फूलों का सबसे बड़ा घर माना जाता है। करीब 3000 हेक्टेयर में घुमवादार पहाड़ियों वाला मुन्नार दक्षिण भारत के सबसे खास पर्यटन स्थलों में से एक है। नीलकुरिंजी के फूल मुन्नार की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं।