नामीब रेगिस्तान
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नामीब रेगिस्तान के सबसे सूखे हिस्सों में साल में औसतन सिर्फ दो मिलीमीटर बारिश होती है। कई साल बिल्कुल बारिश नहीं होती। फिर भी ओरिक्स, स्प्रिंगबॉक (दोनों हिरण की प्रजातियां), चीता, लकड़बग्घा, शुतुरमुर्ग और जेब्रा ने यहां की कठोर परिस्थितियों में खुद को ढाल लिया है। शुतुरमुर्ग पानी के नुकसान को कम करने के लिए अपने शरीर के तापमान को बढ़ा लेते हैं। हार्टमैन के पहाड़ी जेब्रा कुशल पर्वतारोही हैं जिन्होंने रेगिस्तान के बीहड़ इलाकों में खुद को ढाल लिया है। ओरिक्स बिना पानी पिए सिर्फ पौधे की जड़ और कंद खाकर हफ्तों तक जिंदा रह सकते हैं।