कारक्रॉस डेजर्ट (रेगिस्तान)
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दरअसल, पुल बनने के बाद कारिबू नाम की जंगली जनजाति के झुंड यहां आकर बसने लगे। इन्हीं के साथ नताशाहीन नदी के नजदीक शिकार के मकसद से तिलिंगित और तागिश नाम के घुमंतू कबीले आकर बसने लगे। लिहाजा कारिबू और क्रॉसिंग शब्दों के आवाजों को मिलाकर इस जगह का नाम कारक्रॉस रख दिया गया।
कारक्रॉस तक जो भी पहुंचा है उसने यहां सफेद रंग से सजे पुराने चर्च, एक जरनल स्टोर, पुरानी जंग लगी कुल्हाड़ियां और बारहसिंघों के सींगों से सजे कुछ केबिन जरूर देखे होंगे। ये सब चीजें क्लॉनडिक दौर की हैं। ये वौ दौर था जब डॉसन सिटी और अटलिन के पास लोग सोने की खुदाई के लिए आते थे। लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। कारक्रॉस डेजर्ट को अब एडवेंचर प्लेग्राउंड के तौर पर विकसित किया जा चुका है। हर हफ्ते यहां बड़ी संख्या में एडवेंचर प्रेमी आते हैं। गर्मी के मौसम में एक तरफ यहां बाइक प्रेमी अपना शौक पूरा करने आते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ ये जगह पहाड़ी बकरियों, हिरणों, और डैल भेड़ के लिए पनाहगाह भी बनती है। सर्दी के मौसम में यहां बर्फ खूब पड़ती है और रेत पर जमा बर्फ का मजा लेने वालों की संख्या बढ़ जाती है।