फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुंवारे नहीं थे हनुमान जी, इस मंदिर में बजरंग बली के साथ उनकी पत्नी की भी होती है पूजा

Sun, 25 Nov 2018 12:52 PM IST
फीचर डेस्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 9
Khammam hanuman temple - फोटो : social media
आपने दुनियाभर में मौजूद कई मंदिरों के बारे में सुना होगा, जो अपने आप में अनोखे हैं। ऐसा ही एक अनोखा मंदिर है तेलंगाना के खम्मम जिले में। इस मंदिर में हनुमान जी के साथ उनकी पत्नी की भी पूजा होती है। 
विज्ञापन

2 of 9
hanuman
वैसे आमतौर पर हम सभी जानते हैं कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे। उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन किया और इसीलिए ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले लोग उनकी ही पूजा करते हैं। लेकिन कई जगहों पर उनके विवाहित होने की कथाएं भी प्रचलित हैं। 
विज्ञापन

3 of 9
Hanuman and sun
कहा जाता है कि हनुमान जी का विवाह सूर्य देव की पुत्री सुवर्चला से हुआ था। पाराशर संहिता में भी उनके विवाह का उल्लेख मिलता है। तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित इस प्राचीन मंदिर में हनुमान जी और उनकी पत्नी सुवर्चला दोनों की पूजा होती है। स्थानीय लोग हर साल ज्येष्ठ शुद्ध दशमी को हनुमान जी और सुवर्चला के विवाह को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।  

4 of 9
Hanuman ji - फोटो : social media
अब आपकी जिज्ञासा ये जानने की हो रही होगी कि आखिर हनुमान जी का विवाह कैसे और कब हुआ था। तो चलिए हम आज इस राज से भी पर्दा उठा देते हैं। पाराशर संहिता के अनुसार, हनुमान जी ने सूर्य देव को अपना गुरु बनाया था। दरअसल, सूर्य देव के पास 9 दिव्य विद्याएं थीं, जिसे हनुमान जी प्राप्त करना चाहते थे। 
विज्ञापन

5 of 9
hanuman ji
हालांकि सूर्य देव ने अपनी 9 विद्याओं में से 5 विद्याओं का ज्ञान तो हनुमान जी को दे दिया, लेकिन बाकी की 4 विद्याओं के लिए वो सोच में पड़ गए। दरअसल, बाकी की 4 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त करने के लिए शिष्य का विवाहित होना जरूरी था, लेकिन हनुमान जी तो बाल ब्रह्मचारी थे। 
विज्ञापन

6 of 9
hanuman ji
इस समस्या के निदान के लिए सूर्य देव ने हनुमान जी को उपाय सुझाया और उन्हें विवाह करने के लिए कहा। अब हनुमान जी भी धर्म संकट में पड़ गए, क्योंकि वो सूर्य देव से विद्याएं लेना तो चाहते थे, लेकिन साथ ही वो ब्रह्मचारी भी बने रहना चाहते थे। हालांकि काफी समझाने-बुझाने के बाद हनुमान जी विवाह करने को राजी हो गए। 
विज्ञापन

7 of 9
hanuman - फोटो : hanuman
जब हनुमान जी विवाह करने के लिए तैयार हो गए, तब उनके लिए एक योग्य कन्या की तलाश शुरू हो गई, जो सूर्य देव की पुत्री सुवर्चला पर जाकर खत्म हुई। सूर्य देव ने अपनी पुत्री के बारे में हनुमान जी को बताया कि सुवर्चला परम तपस्वी और तेजस्वी है और इसका तेज तुम ही सहन कर सकते हो। 

8 of 9
हनुमान
सूर्य देव ने हनुमान जी से यह भी कहा कि विवाह के बाद सुवर्चला फिर से तपस्या में लीन हो जाएगी, जिससे तुम्हें दिव्य ज्ञान की प्राप्ति भी हो जाएगी और तुम्हारा ब्रह्मचर्य भी बना रहेगा। ये सब बातें जानने के बाद हनुमान जी ने सुवर्चला से विवाह कर लिया और इस कारण वो विवाहित भी हो गए और उनका ब्रह्मचर्य भी नहीं टूटा। 
विज्ञापन

9 of 9
Khammam hanuman temple
हैदराबाद से करीब 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर में हनुमान जी और सुवर्चला देवी दोनों की मूर्ति स्थापित की गई है। कहा जाता है कि इस मंदिर में जो भी हनुमान जी और उनकी पत्नी के दर्शन कर लेता है, उसके सब दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें