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सास-ससुर से नहीं देखा गया विधवा बहू का दर्द, उठाया ऐसा कदम कि हो गया...

Fri, 30 Nov 2018 07:00 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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widow - फोटो : social media
किसी भी महिला के लिए विधवा होने के दर्द से बड़ा दर्द, दुनिया में और कुछ नहीं होता और वो भी तब जब वो नई नवेली शादीशुदा हो और अपने जीवनसाथी के साथ लंबे समय तक जिंदगी बिताने के सपने बुन रही हो। कुछ ऐसा ही हुआ था उत्तराखंड की रहने वाली कविता के साथ। लेकिन उसके सास-ससुर से उसका ये दर्द देखा नहीं गया जिसके बाद उन्होंने कुछ ऐसा कदम उठाया कि अब चारों तरफ उनकी ही चर्चा हो रही है। 
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marriage
दरअसल, देहरादून के बालावाला निवासी विजय चंद के बेटे संदीप की शादी साल 2014 में कविता के साथ हुई थी। लेकिन अगले ही साल हरिद्वार में हुए एक हादसे में संदीप की मौत हो गई। अब भरी जवानी में बेटे की अचानक हुई मौत से पूरा परिवार सदमे में चला गया। 
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Depression
अपने पति की अचानक मौत से कविता भी पूरी तरह से टूट गई। वो संदीप के बारे में सोच-सोचकर डिप्रेशन में चली गई थी। कभी-कभी उसे लगता था कि वो सबकुछ छोड़-छाड़कर अपने मायके चली जाए, लेकिन फिर उसे अपने बूढ़े सास-ससुर का ख्याल आता था तो अपने कदम रोक लेती थी। 

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डेमो - फोटो : डेमो
इधर, कविता के सास-ससुर से भी अपनी बहू की ये हालत देखी नहीं जा रही थी, जिसके बाद उन्होंने एक सराहनीय कदम उठाते हुए फैसला किया कि कविता की शादी करा दी जाए। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत थी कि क्या कविता दूसरी शादी करने को राजी होगी? हालांकि काफी मान-मनौवल के बाद कविता शादी करने को तैयार हो गई। 
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डेमो - फोटो : डेमो
बहू से रजामंदी मिलने के बाद कविता के लिए एक नया रिश्ता ढूंढा गया और उसके सास-ससुर ने उसकी शादी एक निजी कंपनी में कार्यरत ऋषिकेश निवासी तेजपाल सिंह से करा दी। कविता के सास-ससुर ने उसे अपनी बेटी की तरह ससुराल से विदा किया।
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