फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस देश में है ऐसी परंपरा, जहां दांत टूटते ही बच्चों को बांटे जाते हैं पुरस्कार, वजह भी रोचक

Sun, 15 Jul 2018 01:26 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
बचपन में मां-बाप कितनी ही कहानियां सुनाते और हम उन पर विश्वास कर लेते। नानी या दादी से कहानी सुने बगैर नींद ही किसे आती थी। किसी कहानी का हीरो सुपरमैन होता तो कोई राजा-रानी की कहानी सुनाता। इसी में सबसे खास कहानी होती थी परियों की कहानी। दादी-नानी अक्सर ऐसी कहानियां सुनातीं जिससे हमें विश्वास हो जाता कि परियां होती हैं दूर किसी सुंदर देश में। सुंदर से कपड़े पहने वह अच्छे बच्चों से मिलने आती हैं। हम यह मान लेते और चल पड़ते अच्छे बच्चे बनने की राह पर, ताकि एक सुंदर परी से हम भी मिल सकें।
विज्ञापन

2 of 4
कुछ ऐसी ही परंपराएं लोकप्रिय हैं उत्तर यूरोप के कुछ देशों में। उत्तर यूरोप के कुछ देशों में 'टूथ फी' नामक परम्परा का बड़ा चलन है। इसके अनुसार, बच्चों का जब पहला दांत टूटता है, तो उसके लिए उन्हें इनाम दिया जाता है और इनाम के रूप में कुछ पैसे उन्हें लिफाफे में दिए जाते हैं। हालांकि पैसे कम ज्यादा होना उसके परिवार की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। 
विज्ञापन

3 of 4
वहीं इंग्लैंड में जीवन में आगे आने वाली कठिनाइयों से बचाने के लिए मां-बाप द्वारा अपने बच्चों के दांत आग में डाल दिए जाते थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, मान्यताएं भी बदल गईं और तब कहानियों में जन्म हुआ टूथ फेयरी का। इस कहानी का प्रचलन और बढ़ गया। कहा गया जब बच्चों के दूध के पहले दांत टूटते हैं और वह उन्हें सोते समय अपने तकिए के नीचे रख दें, तो एक सुंदर फेयरी आकर उस दांत को ले जाती है और उसकी जगह पैसे या कोई उपहार रख देती है।
विज्ञापन

4 of 4
Fairy Lights
ऐसा माना जाता है कि सांता क्लॉज और ईस्टर बनी की तरह, टूथ फेयरी भी सचमुच है, जो बच्चों को उपहार देने आती है। कई सारे देशों में इसके नाम भी अलग हैं। स्पेनिश में इसे 'रेटॉनसिटो पेरेज' कहा जाता है। इटली में 'टोपोलिनो' कहा जाता है। फ्रेंच और बेल्जियम में इसे 'ला पेटिट सोरिस' के नाम से जाना जाता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें