चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। ये अर्थशास्त्र के ज्ञाता थे। इनके द्वारा अर्थशास्त्र नामक ग्रंथ और राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाजनीति जैसे महान ग्रंथ लिखे गए। ये कौटिल्य या विष्णुगुप्त नाम से भी विख्यात हैं। आज भी इनकी गिनती भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। इन्होंने अपनी नीतियों और कुशाग्र बुद्धि का प्रयोग करते हुए नंदवंश का नाश किया और एक साधारण बालक से चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया। इन्होंने तक्षशिला विश्वविद्यालय में आचार्य के पद पर रहते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। इनके द्वारा लिखे गए नीति शास्त्र की बातें मनुष्य के जीवन को बहुत ही करीब से स्पर्श करती हैं। यही कारण है कि नीति शास्त्र की नीतियां आज के समय में भी लोकप्रिय हैं। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में रिश्तों, धन, व्यापार आदि को लेकर महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। जानते हैं कौन है मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र, सबसे बड़ा शत्रु और सबसे बड़ा धन।