फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर चार शक्तिशाली भूकंप के झटके सहने के बाद भी कैसे खड़ी है पीसा की मीनार?

Sun, 13 Sep 2020 04:31 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
पीसा टावर - फोटो : Pixabay
इटली में स्थित लीनिंग टावर ऑफ पीसा वास्तुशिल्प का एक अद्भुत नमूना है। यह इमारत अपने नींव से चार डिग्री झुकी है। करीब 184 फीट ऊंची पीसा की मीनार झुकने के वजह से दुनियाभर में मशहूर है। इतना ही नहीं साल 1280 से लेकर अबतक 4 शक्तिशाली भूकंप के झटके सहने के बाद भी यह मीनार मजबूती से खड़ी है। तो आइए जानते हैं इस मीनार पर भूकंप से कोई नुकसान कैसे नहीं पहुंचा?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
पीसा टावर - फोटो : सोशल मीडिया
पीसा की मीनार अपने नींव से चार डिग्री के खतरनाक कोण पर झुकी है। ऐसे में इस बात की हमेशा आशंका रहती थी कि इसे गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, साल 1280 के बाद से चार बार शक्तिशाली भूकंप आए, लेकिन उसके बावजूद भी इस मीनार का बाल बांका नहीं हुआ। इसके रहस्य को जानने के लिए उपलब्ध भूकंपीय, भू-तकनीकी और ढांचागत सूचना का 16 इंजीनियरों की एक टीम ने अध्ययन किया।
विज्ञापन

3 of 5
पीसा टावर - फोटो : सोशल मीडिया
अध्ययन कर रहे शोध समूह ने पाया कि शक्तिशाली भूकंप के झटके सहने के बाद इस मीनार के खड़े रहने के पीछे इसकी नींव में डाली गई मिट्टी है। इंजीनियरों ने पाया कि इस मिट्टी ने जमीन के नीचे हुई गतिविधि के कारण मीनार में हुई गतिविधि पर प्रभाव डाला। इस प्रक्रिया को डायनेमिक सॉइल-स्ट्रक्चर इंटरेक्शन कहा जाता है।

4 of 5
पीसा टावर - फोटो : सोशल मीडिया
मीनार की ऊंचाई और कठोरता के साथ-साथ नींव में डाली गई मिट्टी की कोमलता से भूकंप आने पर यह हिलती नहीं है। इसी मिट्टी के वजह से यह मीनार शक्तिशाली भूकंप के झटके सहने के बाद भी मजबूती से खड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पीसा टावर - फोटो : सोशल मीडिया
जब इस मीनार की हालात गिरने जैसी हो गई, तो साल 1990 में इसकी निगरानी के लिए एक टीम बनाया गया था। इस टीम ने कई सालों तक इसके रेस्टोरेशन का काम किया और मीनार को कुछ हद तक थोड़ा सीधा करने में सफलता हासिल की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 186 फीट के इस टावर को 1.5 इंच यानी 4 सेंटीमीटर तक सीधा कर दिया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें