टाइम ट्रैवल: दुनिया में काफी लंबे समय से टाइम ट्रैवलर की चर्चा होती आ रही है। अक्सर टाइम ट्रैवेलिंग की कई कहानियां सुनने और पढ़ने को मिलती हैं। कई हॉलीवुड फिल्मों में बेहद अनोखे अंदाज में समय यात्रा को दर्शाया गया है। हालांकि अभी भी सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सच में कोई समय यात्रा कर सकता है? क्या आने वाले समय में समय यात्रा के लिए कोई टाइम मशीन बनाई जा सकती है? वैज्ञानिकों को काफी लंबे समय से समय यात्रा की अवधारणा रोमांचित करती आ रही है।
सन 1905 में मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने एक सिद्धांत दिया था। इसका नाम सापेक्षतावाद है। इसमें उन्होंने बताया था कि ब्रह्मांड में टाइम और स्पेस चादर के रूप में एक-दूसरे से जुड़े हैं। आइंस्टीन के सिद्धांत के मुताबिक, गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव की वजह से यह चादर नीचे की तरफ मुड़ती है, जिससे रेखा में बदलाव नजर आता है। वर्तमान समय के वैज्ञानिकों ने इसी सिद्धांत के आधार पर समय यात्रा करने के कई तरीकों की खोज की है, जिनका इस्तेमाल करके समय यात्रा की जा सकती है।