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Surya Grahan 2025: 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा सबसे खतरनाक, आखिर क्या है वजह, वैज्ञानिकों ने बताई

Fri, 28 Mar 2025 06:48 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Grahan 2025: साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च यानी शनिवार को लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा।
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29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा सबसे खतरनाक - फोटो : Freepik
Surya Grahan 2025: साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च यानी शनिवार को लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। यह उत्तरी अमेरिका के साथ ही पश्चिमी यूरोप, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और रूस में देखा जा सकता है। खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर यह सूर्य ग्रहण क्यों खतरनाक हो सकता है?

सूर्य ग्रहण क्यों लगता है? 

पृथ्वी के सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है और इसकी पृथ्वी चक्कर लगाती है। धरती की तरह चंद्रमा भी सूर्य की परिक्रमा करता है। हालांकि, चांद धरती की भी चक्कर लगाता है। कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को रोक देता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। 
 
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29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा सबसे खतरनाक - फोटो : Adobe Stock
क्या होता है सूर्य ग्रहण?

दुनिया की सबसे दुर्लभ खगोलीय घटनाओं में शामिल सूर्य ग्रहण तब होता है, पृथ्वी और सूर्य बीच में चंद्रमा आ जाता है। चंद्रमा की मौजूदगी सूर्य के प्रकाश को रोक देती है और सूरज छिपा हुआ दिखाई देता है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार का होता है, पूर्ण, आंशिक और वलयाकार या रिंग ऑफ फायर। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान दिन में अंधेरा छा जाता है।
 
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29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा सबसे खतरनाक - फोटो : Freepik
पूर्ण सूर्य ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थित तब बनती है, जब धरती और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। चंद्रमा की छाया पूरी तरह धरती को ढक लेती है। इस स्थिति में चंद्रमा की पूर्ण छाया धरती पर पड़ती है, जिससे अंधेरा सा नजारा हो जाता है। इस अवस्था को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। 
 

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29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा सबसे खतरनाक - फोटो : Freepik
वलयाकार सूर्य ग्रहण

इस सूर्य ग्रहण में धरती से चंद्रमा दूर होता है। इस समय चांद, सूर्य को पूरी तरह नहीं ढकता है, लेकिन इस दौरान सूर्य रिंग आफ फायर जैसा दिखता है और आकार में भी छोटा दिखता है। 

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29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा सबसे खतरनाक - फोटो : Freepik
आंशिक सूर्य ग्रहण 

आंशिक सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच से चंद्रमा गुजरता है, लेकिन एक पक्ति में सूर्य, चंद्रमा और धरती नहीं होते हैं। सूर्य का सिर्फ एक भाग ही ढका हुआ नजर आएगा। आंशिक सूर्य ग्रहण को ही खंडगास सूर्य ग्रहण कहा जाता है। 

Surya Grahan 2025: 29 मार्च को लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानिए कब और कहां दिखेगा
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29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण होगा सबसे खतरनाक - फोटो : Freepik
इस बार लगने वाला सू्र्य ग्रहण आंशिक होगा। यह तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत दूर होता है। इसकी वजह से इसका आकार छोटा होता है और यह सूर्य के कोरोना को पूरी तरह से नहीं ढंकता है। हालांकि, कुछ इलाकों में यह सूर्य की डिस्क को 93.8 फीसदी तक ढकेगा। कनाडा के उत्तरी क्यूबेक के नुनाविक स्थित गांव में सबसे बड़ा ग्रहण नजर आएगा। 

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साल 2025 में कब-कब दिखाई देगा सूर्य ग्रहण - फोटो : Freepik
सूर्य ग्रहण क्यों हो सकता है खतरनाक?

विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्रहण के दौरान सूर्य कभी भी पूरी तरह से नहीं ढका होगा। इसके कारण इसे देखना खतरनाक होगा। ग्रहण के दौरान सूर्य को देखने के लिए ग्रहण वाला चश्मा या सोलर फिल्टर की जरूरत पड़ेगी। ग्रहण को धूप के चश्मे से नहीं देखने की सलाह दी गई है। ग्रहण को देखने के लिए सौर फिल्टरों का इस्तेमाल करना चाहिए।
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