Surya Grahan 2025: साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च यानी शनिवार को लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। यह उत्तरी अमेरिका के साथ ही पश्चिमी यूरोप, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और रूस में देखा जा सकता है। खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर यह सूर्य ग्रहण क्यों खतरनाक हो सकता है?
सूर्य ग्रहण क्यों लगता है?
पृथ्वी के सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है और इसकी पृथ्वी चक्कर लगाती है। धरती की तरह चंद्रमा भी सूर्य की परिक्रमा करता है। हालांकि, चांद धरती की भी चक्कर लगाता है। कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को रोक देता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है।