'भूत' का डर ऐसा फैला, बंद हो गया स्कूल
- फोटो : BBC
ताइवान में 90 फीसदी लोग भूत देखने का दावा करते हैं। ताइवान के अलावा जापान, कोरिया, चीन और वियतनाम भूतों का महीना मनाते हैं। इनमें एक ख़ास दिन प्रेत दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन के बारे में ये मान्यता है कि 'घोस्ट डे' पर आत्माएं धरती पर मुक्त रूप से विचरण करती हैं।
इन मान्यताओं का संबंध बौद्ध धर्म की कहानी उराबोन सूत्र से बताया जाता है। इस कहानी में विवरण है कि बुद्ध एक युवा भिक्षु को अपनी गुजर चुकी मां की मदद का तरीका बताते हैं। वो युवा भिक्षु अपनी मां को 'भूखे प्रेत' के तौर पर बार-बार देखता है।
दूसरे धर्मों की ही तरह ताइवान में भी भूतों को अच्छे और बुरे के दर्जे में बांट कर देखा जाता है। दोस्ताना भूत वो होते हैं, जो पुश्तैनी या पारिवारिक रूप से जुड़े होते हैं। भूतोत्सव के दौरान इनका घर में स्वागत किया जाता है। वहीं, जो प्रेत दोस्ताना नहीं माने जाते, वो क्रोधित होते हैं या फिर भूखे। ऐसे भूत, इंसानों को डराते हैं।
भूत-प्रेतों के बारे में जो समझ रखते हैं, उनके मुताबिक भूत यूं ही नहीं डराते। इसकी ख़ास वजह होती है। जैसे कि कत्ल की अनसुलझी गुत्थी, मजबूर कर के ख़ुदकुशी कराना, ऐसे हादसे जो रोके जा सकते थे और नैतिक पतन के सबक।